अमेजन ने कर्मचारियों से TikTok डिलीट करने को कहा, विवाद बढ़ा तो पलटा फैसला
वॉशिंगटन. चीनी कंपनी टिकटॉक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. भारत द्वारा बैन किए जाने के बाद अमेरिका भी चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है. इस बीच, अमेजन (Amazon) ने अपने कर्मचारियों से टिकटॉक (TikTok) डिलीट करने को कहा है. कंपनी ने ईमेल के माध्यम से कर्मचारियों से कहा है कि जिस फोन पर वह अमेज़न से आने वाले ईमेल इस्तेमाल करते हैं, उससे TikTok तुरंत हटा दें.
खुद को अमेजन का कर्मचारी बताने वाले कुछ सोशल मीडिया यूजर ने जैसे ही यह जानकारी शेयर की, हंगामा मच गया. टिकटॉक ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दे डाली. उसकी तरफ से कहा गया कि अमेजन ने हमें इस बाबत सूचित नहीं किया. हम उनकी चिंताओं को नहीं समझ सकते, इस संबंध में हम जल्द ही अमेजन से बात करेंगे. इसके बाद अमेजन को सफाई देते हुए कहना पड़ा कि टिकटॉक डिलीट करने के लिए कहने वाला ईमेल एक ‘गलती’ है. इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, अमेजन के वरिष्ठ अधिकारी इस निर्णय से अंजान थे. बाद में अमेजन और टिकटॉक के अधिकारियों के बीच इस बारे में बातचीत हुई, जिसके आधार पर चीनी ऐप हटाने संबंधी आदेश को पलट दिया गया.
इस हफ्ते की शुरुआत में अमेजन की तरफ से कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा गया था. जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि कंपनी के स्वामित्व वाले मोबाइल फोन से चीनी ऐप टिकटॉक को तुरंत हटा लिया जाए. क्योंकि यह यह गोपनीयता और सुरक्षा के लिए चिंता बन सकता है. कंपनी की तरफ से प्रदान किये गए उपकरणों का इस्तेमाल केवल कंपनी के काम के लिए किया जाना चाहिए. यदि कर्मचारी टिकटॉक उपयोग करना चाहते हैं, तो वह दूसरी डिवाइस पर इसे इनस्टॉल कर सकते हैं’.
अमेरिका चीन विवाद और फिर भारत-चीन के बीच बढ़ती तल्खी को देखते हुए टिकटॉक खुद को चीन से दूर प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहा है. कंपनी ने हाल ही में अमेरिका में डिज्नी के वरिष्ठ अधिकारी केविन मेयर को सीईओ नियुक्त किया है. ताकि ज़रूरत पड़ने पर वह अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत कर सकें. इसके साथ ही टिकटॉक ने चीन के नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के कारण हांगकांग में अपने ऑपरेशन रोकने का ऐलान किया है. हालांकि, ये बात अलग है कि अमेरिका अभी भी टिकटॉक सहित सभी चीनी ऐप्स को सुरक्षा के लिए खतरा मानता है. हाल ही में विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि हम चीनी ऐप्स पर बैन लगाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. गौरतलब है कि भारत पहले ही लद्दाख में हुई हिंसा के मद्देनजर टिकटॉक सहित 59 चाइनीज ऐप्स पर रोक लगा चुका है.