अर्मेनिया पर अजरबैजान ने तेज किए हमले, नागोर्नो-करबाख के नए इलाके पर कब्जा


येरेवन. अर्मेनिया (Armenia) और अजरबेजान (Azerbaijan) के बीच छिड़ी जंग कम होने का नाम नहीं ले रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बाहली के प्रयासों के बाद भी अर्मेनिया और अजरबेजान के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है. उधर अर्मेनियाई अधिकारियों का कहना है कि अजरबैजान द्वारा शनिवार को एक नए हमले की शुरुआत की है. इसके बाद से ही नागोर्नो-करबाख क्षेत्र (Nagorno-Karabakh) पर हमले और बढ़ गए हैं.

अजरबेजान ने किया कब्जा
अर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता शुशन स्टीफानन ने कहा, ‘भारी लड़ाई जारी है’. वहीं अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने ‘करबाख में नई तलहटी पर कब्जा कर लिया है. पिछले सप्ताह शुरू हुई इस लड़ाई में अब तक कम से कम 200 लोग मारे जा चुके हैं.

अमेरिका बोला- ‘थर्ड पार्टी’ रहे दूर
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने ‘थर्ड पार्टी’ से दूर रहने की अपील की है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि हमने सीरिया के लड़ाकों को सीरिया के युद्धक्षेत्र से लीबिया तक जाते हुए देखा है. इससे अस्थिरता, अशांति, संघर्ष, लड़ाई बढ़ रही है. शांति भंग हो रही है. अर्मेनिया ने इससे पहले घोषणा की थी कि यह नागोर्नो-कराबाख में संघर्ष विराम के लिए रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस के साथ काम करेगा.

‘युद्धविराम हो, बातचीत बढ़े’
पोम्पिओ ने यह भी कहा कि इस सीमा क्षेत्र में एक लंबे समय से संघर्ष जारी है. जब भी तनाव बढ़ता है तो इसका ‘अंतर्राष्ट्रीयकरण’ होता है. ‘थर्ड पार्टी’ गोला-बारूद, हथियार लाती है इससे स्थित और बिगड़ती है. वो लोगों को जोखिम में डालते हैं. आशांति बढ़ाते हैं. इसलिए हमने सभी से आग्रह किया है कि इससे दूर रहें ताकि युद्धविराम हो और बातचीत की स्थित बने.

तुर्की का अलग राग
पोम्पेओ ने कहा हमने अजरबैजान, अर्मेनियाई नेताओं और तुर्की को भी इस बाबत सूचित किया है. वहीं, तुर्की ने कहा है कि तीन बड़ी शक्तियों की शांति बहाली में कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए.

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