आगामी खरीफ फसल के लिए नर्सरी तैयार कर रहे हैं जवाहरलाल मिश्रा

बलरामपुर/धीरेन्द्र कुमार द्विवेदी. राज्य शासन कृषि के क्षेत्र में नवीन तकनीकों तथा नवाचार को बढ़ावा दे रही है। तकनीक के प्रयोग से कृषि कार्यों को सरल बनाने तथा उत्पादकता को बढ़ाने के लिए शासन के प्रयास साकार होते दिख रहे हैं।  उप संचालक कृषि अजय अनंत ने बताया कि कलेक्टर कृषि कार्यों में नवाचार तथा तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिये प्रयासरत हैं। उनके निर्देशन में ऐसे कृषकों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बदलते समय की मांग को देखते हुए कृषिगत कार्यों में इन प्रयासों को गति दी जा रही है। राजपुर विकासखण्ड के ग्राम परसागुड़ी के ऐसे ही प्रगतिशील किसान  जवाहरलाल शर्मा हैं, जो आगामी खरीफ फसल के लिए धान की ट्रांसप्लांटर विधि से मैट टाईप नर्सरी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त कर धान की नर्सरी तैयार कर रहा हूँ। पूरी विधि तकनीक पर आधारित है, जिसके लिए उचित प्रशिक्षण तथा रख-रखाव आवश्यक है। यह नर्सरी 14 से 15 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे समय की काफी बचत होती है। ट्रांसप्लांटर विधि में समय की बचत होती है तथा मशीन से धान रोपाई करने पर श्रम तथा लागत में भी कमी आएगी। श्री मिश्रा बताते हैं कि इस विधि में एक निश्चित आकार का सांचा तैयार कर इसमें 70 प्रतिशत मिट्टी,  20 प्रतिशत् वर्मी कम्पोस्ट, 10 प्रतिशत् बालू या धान की भूसी को अच्छी तरह मिलाया जाता है। तत्पश्चात् प्लास्टिक की शीट में सांचा रखकर मिश्रण को रखा जाता है तथा अंकुरित धान के बीज को उसके उपर छिड़क दिया जाता है। पैडी ट्रांसप्लांटर की उक्त विधि से 14-15 दिन में नर्सरी तैयार हो जाती है। इस विधि के प्रयोग से किसानों को काफी लाभ होगा।

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