इन लक्षणों से पहचानें लंग कैंसर, जानें उपचार से जुड़ी बातें
लंग कैंसर पर आधारित इस आर्टिकल में यह समझने की कोशिश करते हैं कि लंग कैंसर जब अपने तीसरे चरण में होता है, तब व्यक्ति के शरीर में किस तरह के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। ताकि इन्हें पहचानकर शुरुआती स्तर पर ही इलाज ले लिया जाए और कैंसर को तीसरी अवस्था से आगे नहीं पहुंचने दिया जाए…
जबसे इस बात की जानकारी सामने आई है कि संजय दत्त को लंग कैंसर डाइग्नॉज हुआ है, तभी से इस बीमारी के बारे में जानने की उत्सुकता लगातर बढ़ रही है। खासतौर पर लोग जानना चाहते हैं कि लंग कैंसर की स्टेज -3 क्या होती है? क्योंकि संजय दत्त में लंग कैंसर स्टेज-3 ही डायग्नॉज हुई है। जब लंग कैंसर अपनी अवस्था के तीसरे चरण में पहुंच जाता है, उस दौरान क्या होता है और इस स्थिति में जीवन बचने की कितनी संभावना होती है, इस बारे में हम आपको पहले ही बता चुके हैं। विस्तार से जानने के लिए आप स्टोरी में दिए गए लिंक (संजय दत्त की स्टोरी) पर क्लिक कर सकते हैं। आइए, यहां लंग कैंसर के तीसरे चरण के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानते हैं ताकि इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके…
तीसरी स्टेज के लंग कैंसर में दिखते हैं ये लक्षण
-सीने में दर्द रहना
-खांसी के साथ खून आना
-थूक का रंग सामान्य से अलग होना
-सांस लेने में दिक्कत होना
-सांस लेते समय घरघराहट-सी आवाज होना
-लगातार वजन कम होना
-आवाज में भारीपन आना या बदलाव होना
-भूख कम लगना
-कुछ निगलते समय दर्द या असहजता होना
-लगातार थकान और कमजोरी रहना
-चेहरे और गर्दन की नसों में सूजन होना
ऐसे होता है लंग कैंसर की स्टेज-3 का इलाज
-लंग कैंसर की दूसरी स्टेज के दौरान इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर फेफड़ों में किस जगह पर स्थित है, इसका आकार कितना बड़ा है, मरीज की उम्र कितनी है और पेशंट को कोई दूसरा गंभीर रोग है या नहीं इत्यादि। लेकिन आमतौर पर ज्यादातर डॉक्टर स्टेज-3 के लंग कैंसर का इलाज करते हुए चिकित्सा की कई अलग-अलग पद्धतियों को एक साथ उपयोग करते हैं। इनमें ये ट्रीटमेंट शामिल हैं…
-सर्जरी
-कीमोथेरपी
-रेडिएशन थेरपी
-लेज़र थेरपी
-इम्युनोथेरपी
-इंडोस्कोपिक स्टेंट
इन बातों का ध्यान रखें
-किसी भी गंभीर और जानलेवा रोग का इलाज करते समय डॉक्टर्स अपना बेस्ट देने का प्रयास करते हैं। लेकिन एक ही प्रकार का उपचार कुछ लोगों के लिए वरदान बन जाता है तो कुछ लोग इस उपचार के बाद भी नहीं बच पाते हैं।
-हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कैंसर के इलाज में बहुत अधिक डिवेलपमेंट्स हुई हैं और इनका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। किसी व्यक्ति के शरीर से कैंसर पूरी तरह जाएगा या नहीं जाएगा या किस हद तक मरीज को चिकित्सा का आराम मिलेगा, यह उसकी सेहत और शरीर पर निर्भर करता है। यानी वह कितना स्वस्थ है और ट्रीटमेंट को लेकर उसका शरीर किस तरह की प्रतिक्रिया दे रहा है।