उद्यानिकी के लिये किसानों को करें प्रोत्साहित : डाॅ.प्रभाकर सिंह

बिलासपुर. संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी डाॅ.प्रभाकर सिंह ने बिलासपुर संभाग के पांचों जिलों की समीक्षा की। संचालक द्वारा रोपणी की आय तीन गुना करने के लिये उसका रखरखाव, सीड प्रोडक्शन एवं टाॅप वर्किंग कार्यक्रम पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये गये।
नदी के कछार व तटों पर लघु सब्जी उत्पादन समुदायों को विभागीय योजनांतर्गत सब्जी मिनीकिट एवं तकनीकी जानकारी देकर प्रोत्साहित किया जाये। नवनियुक्त ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों से योजनाओं की जानकारी लेते हुये संचालक ने निर्देश दिये कि समस्त योजनाओं को अच्छी तरह से समझ लें। तभी कृषकों का मार्गदर्शन कर पायंेगे। प्रक्षेत्रों में भ्रमण के दौरान कृषि टूलकिट साथ में रखें एवं किसानों को ट्रेनिंग, पू्रनिंग कर के बतायें। मातृ वृक्षों के सुचारू रूप से रखरखाव हेतु केनोपी मैनेजमेंट बहुत जरूरी है, इसके तहत श्यान को छांटना आवश्यक है। कलमी पौध तैयार करने की भी जानकारी दी गई।

सामुदायिक फेसिंग योजना पर संयुक्त संचालक श्री व्ही.के.चतुर्वेदी ने चर्चा की। कृषक पोर्टल में डाटा प्रविष्ट की जानकारी की समीक्षा करते हुए समस्त ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों को दस दिवस के अंदर फार्मर पोर्टल में 100-100  कृषकों की प्रविष्ट करते हेतु निर्देशित किया गया। 
बाड़ी विकास योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस योजना का सतत् सर्वेक्षण करना एवं रिपोर्ट तैयार करना आवश्यक है। साथ ही साथ प्रत्येक वर्ष के अंत में इसका मूल्यांकन किया जाये। जिससे यह जानकारी प्राप्त हो सकेगी कि हितग्राहियों के प्रक्षेत्र पर योजनाओं का क्या प्रभाव हुआ। इस हेतु आवश्यक है कि किसानों के संपर्क में रहें। बैठक के दौरान कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर कुछ अधिकारी कर्मचारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मंगाये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

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