ऋचा रूपाली उर्फ ऋचा अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र की जांच की मांग
बिलासपुर. उस्लापुर बिलासपुर निवासी संतकुमार नेताम ने ऋचा जोगी को गोंड जाति के सदस्य नहीं होने का दावा करते हुए मुंगेली अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है। उक्त आवेदन में उन्होंने दावा किया है कि ऋचा रूपाली उर्फ ऋचा अमीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए भारी घालमेल किया है। ऋचा रूपाली साधु नाम से जो आवेदन प्रस्तुत किया गया है उसमें आर जोगी हस्ताक्षर अंकित है। इसी तरह मोबाइल व ई-मेल भी किसी अन्य के नाम पर है। इसी तरह अन्य दस्तावेजों को प्रस्तुत ही नहीं किया गया है।
अकलतरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे के दौरान ऋचा जोगी के हस्ताक्षर किया वह भी भिन्न है। वहीं ई-मेल आईडी किसी गिरधर मानिकपुरी के नाम पर है। जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के दौरान आधार कार्ड का नंबर व इससे पूर्व प्राप्त जाति प्रमाण पत्र के संबंध में जानकारियों को छिपाया गया है। नोटरी मुंगेली के समक्ष भरे गए शपथ पत्र में ऋचा रूपाली साधु ने स्वयं को गोंड़ अनुसूचित जनजाति बताते हुए पेण्ड्रीडीह मुंगेली का स्थायी निवासी बताया है। परंतु शपथ पत्र के कंडिका-1 में उक्त ग्राम में कृषि जमीन नहीं होने की जानकारी दी है। इसी तरह मिसल बंदोबस्त में दर्ज जाति को भी छिपाया गया है। आवेदक संत कुमार ने ऋचा अमीत जोगी के जाति प्रमाण में की गई त्रुटियों की संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की है।
मालूम हो कि आवेदक संत कुमार नेताम ने स्व. अजीत जोगी को आदिवासी जनजाति के सदस्य नहीं होने का दावा प्रस्तुत किया था। इस मामले में गंभीरता से जांच भी की गई। इसके बाद प्रदेश के तहसील कार्यालयों में जाति प्रमाण पत्र जारी करने के पूर्व वर्ष 1982 से पहले की जानकारी एकत्र किया जा रहा है। जिसके चलते आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्व. अजीत जोगी के निधन के बाद भी जोगी सरनेम को गोंड़ जनजाति होने का कहीं कोई प्रमाण नहीं मिल रहा है।
आवेदक संत कुमार नेता ने उल्लेख किया के वर्ष 1927-28 का मिसल और 54-55 का अधिकार अभिलेख वही दस्तावेज जो रिचा रूपाल साधु के प्रकरण में उपयोग किया गया है। इस प्रकरण में भी पेण्ड्रीडीह का खसरा नंबर 32/1 की किस्तबंदी खतौनी बी (1) वही प्रति मौजूद है जो कि ऋचा रूपाली साधु के प्रकरण में है। यहीं नहीं ऋषभ सुशील साधु के प्रकरण में पांचवी कक्षा की अंकसूची लगी हुई है जिसमें उसकी जाति क्रिश्चन दर्शायी गई है और गोंड़ शब्द नहीं लिखा गया है। ऋचा जोगी के गोंड़ संबंधी जाति मामले में समस्त खामियों का उल्लेख करते हुए अनुविभागीय अधिकारी से जवाब मांगा गया है। स्व. जोगी के निधन के बाद मरवाही में विधानसभा उप चुनाव होना है ऐसे समय में ऋचा जोगी का जाति मामला तूल पकडऩे लगा है। मालूम हो कि मरवाही विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में अमीत जोगी जनता कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी घोषित किए गए हैं।