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कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर जिले में धारा-144 लागू :  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डाॅ.संजय अलंग द्वारा कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 लागू कर दी गई है। जिसके उल्लंघन किये जाने पर वैधानिक सजा का प्रावधान है। यह आदेश जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों एवं ग्राम पंचायत मस्तूरी की सीमा क्षेत्र के लिये 31 मार्च 2020 या आगामी आदेश तक प्रभावशील होगा। जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार लोगों को एक जगह एकत्रित होने के लिये मना किया गया है और सभा, जुलूस, धरना, रैली, धार्मिक, सांस्कृतिक आदि किसी भी प्रकार के कार्यक्रमों को जिसमें लोग एकत्रित हो, प्रतिबंधित कर दिया गया है।   इसके साथ ही कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों को अपने आप ही सामने आकर इलाज कराना अनिवार्य किया गया है। विदेशों से आए संक्रमित व्यक्ति को संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य किया गया है। कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा शिकायत हेतु राज्य शासन के हेल्पलाईन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिला एवं जनपद पंचायतों में बैठक, भेंट, सामूहिक चर्चा, प्रशिक्षण आदि कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे :  प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये मुख्यमंत्री द्वारा अपील की गई है कि तत्काल प्रभाव से आयोजित होने वाले समस्त प्रकार के शासकीय एवं गैर शासकीय कार्यक्रमों का आयोजन न किया जाए।
इस अपील के आधार पर कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग द्वारा सभी जिला एवं जनपद पंचायत सदस्यों को उनके प्रभार क्षेत्र में समस्त प्रकार के बैठक, भेंट, सामूहिक चर्चा, प्रशिक्षण आदि ऐसे कार्यक्रम जिनमें नागरिक एकत्रित होते हैं, उनको आगामी कुछ दिवसों के लिये निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।

पिछले 15 दिनों के भीतर पलायन से वापस आने वाले परिवारों की जानकारी दें, सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हैं तो तत्काल सूचित करें : कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग द्वारा कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए निर्देशित किया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में पलायन पंजी संधारण किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में उन्होंने जिले के सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विगत 15 दिनों के भीतर पलायन से गावं वापस आने वाले परिवारों की जानकारी ग्राम पंचायतों में संधारित किये जाने वाले पलायन पंजी में दर्ज कराएं। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के सचिवों को निर्देषित किया जाए कि वे पंचायत क्षेत्र की सतत् निगरानी करें तथा सतर्कता बरतें। पलायन से वापस आने वाले परिवारों में यदि सर्दी, खांसी, निमोनिया, सरदर्द, बुखार आदि के लक्षण पाये जाते हैं तो इसकी तत्काल सूचना संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग को दें तथा जनपद पंचायत के माध्यम से कलेक्टर को भी उसी समय अनिवार्य रूप से अवगत करायें।

बिना कलेक्टर के अनुमति ठेकेदार या एजेंट श्रमिकों को राज्य में नहीं ला सकेंगे और न ही बाहर ले जा सकेंगे : कोरोना वायरस से संक्रमण के विस्तार से बचाव हेतु श्रम विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि कोई भी ठेकेदार, सट्टेदार या एजेंट बिना जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के संज्ञान में लाए हुए श्रमिकों को अन्य राज्यों में लेकर नहीं जायेंगे एवं अन्य प्रदेषों से छत्तीसगढ़ में लेकर नहीं लायेंगे। यह कार्यवाही आगामी 30 अप्रैल 2020 तक सुनिश्चित करने कहा गया है। कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के बाहर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों तथा राज्य में प्रदेश के बाहर से आने वाले श्रमिकों पर निगरानी रखा जाना आवष्यक है, जिससे संक्रमण के विस्तार को रोका जा सके। इस स्थिति को  ध्यान में रखते हुए श्रमायुक्त एवं सचिव श्री सोनमणी बोरा द्वारा इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश जारी किया गया है। ल्लेखनीय है कि अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के प्रावधानों के तहत 5 अथवा 5 से अधिक श्रमिकों का अन्य प्रदेशों में ठेकेदार, सट्टेदार, एजेंट के माध्यम से नियोजन की स्थिति में ठेकेदार को श्रम विभाग अथवा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से लायसेंस लेना अनिवार्य है, साथ ही प्रत्येक प्रवासी श्रमिक की जानकारी ग्राम पंचायत द्वारा संधारित पंजी में दर्ज किया जाना अनिवार्य है।

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने हेतु रतनपुर एवं मल्हार में नवरात्रि पर्व पर मेला स्थगित : कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण को रोकने हेतु आगामी 25 मार्च से 2 अप्रैल 2020 तक चैत्र नवरात्रि पर्व में मां महामाया मंदिर रतनपुर और मां डिडिनेष्वरी मंदिर मल्हार में आयोजित मेले को स्थगित कर दिया गया है। सभी हाॅटल, लाॅज, आॅटो चालक, प्रसाद विक्रेता एवं धर्मावलम्बियों से जिला प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि नवरात्रि मेला के अलावा भीड़-भाड़ इलाकों में जाने से बचें और अपने घरों में ही रहकर उपासना करें। जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर द्वारा अनुविभागीय दण्डाधिकारी मस्तूरी एवं कोटा को निर्देशित किया गया है कि मंदिर परिसरों में किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं किया जाए। परिसर में हाॅट बाजार नहीं लगाया जाए और न ही भीड़ एकत्रीकरण हो। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मेला स्थगन की सूचना नही मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिये सभी ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों, रेल्वे स्टेषन, बस स्टाॅफ आदि में व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा गया है।

छात्रावास, आश्रम 31 मार्च तक बंद रहेंगे :  शासन के निर्देषानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए जिले में संचालित सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, बालक, बालिका छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत छात्र-छात्राओं का 31 मार्च 2020 तक के लिये अवकाश घोषित किया गया है और सभी छात्रावास, आश्रमों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग बिलासपुर ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु सभी छात्रावास, आश्रमों के अधीक्षकों और प्रयास आवासीय विद्यालय छात्रावास रमतला के प्राचार्य को निर्देषित किया है।

कोरोना वायरस की वजह से शार्ट फिल्म फेस्टिवल स्थगित :  छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा विधिक जागरूकता पर आधारित लघु फिल्म समारोह एवं प्रतियोगिता 2020 जो 21 एवं 22 मार्च को बिलासपुर में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बोदरी बिलासपुर में के आॅडिटोरियम मे होने वाली थी, उक्त फिल्म फेस्टिवल प्रतियोगिता/समारोह को कोरोना वायरस के फैलाव के कारण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश के परिपालन में स्थगित कर दिया गया है। उक्त समारोह की नई तिथि जल्द ही घोषित की जायेगी। अन्य जानकारी हेतु राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाईट www.cgslsa.gov.in एवं दूरभाष क्रमांक 07752-410210 पर संपर्क कर प्राप्त किया जा सकता है।

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