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मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 लाख रूपये सीए एसोसिएषन ने दी : बिलासपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन के द्वारा आज मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपए का चेक कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग को सौंपा। बिलासपुर सीए एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए विवेक अग्रवाल ने बताया कि हमारा संघ कोविड-19 की लड़ाई में प्रदेश एवं देश के साथ है। इससे पहले संघ के सदस्यों के द्वारा पीएम केयर फंड में लगभग डेढ़ लाख रुपये जमा किया गया है तथा सीए के दिल्ली मुख्यालय के द्वारा रुपए इक्कीस करोड़ जमा कराया गया है और जिस दिन से लॉक डाउन हुआ है उस दिन से प्रतिदिन सौ लोगों की भोजन की व्यवस्था एवं समय समय पर राशन की व्यवस्था संघ के द्वारा की जा रही है। ये व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है। सीए अग्रवाल ने कहा कि यदि सरकार लॉक डाउन के समय भी नियमों का पालन करते हुए हमारे कार्यालय को खोलने की अनुमति देती है तो हमारे सदस्य इस कठिन परिस्थिति में भी कार्यालय जा कर व्यापारियों, सेवा दाताओं इत्यादि का निर्धारित स्वयं कर, कर विवरणिका को जमा कराएँगे जिससे कि शासन के पास करों का संग्रहण होता रहे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री बी.एस.उईके, संघ के पूर्व अध्यक्ष सीए मनोज शुक्ला एवं उपाध्यक्ष सीए दिनेश अग्रवाल, सीए अविनाश टूटेजा भी उपस्थित थे।
राउत नाच महोत्सव समिति ने दिया 31 हजार 331 रूपये का दान : नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के वैश्विक संक्रमण से देश-प्रदेश में जन-जीवन काफी संकट में है। संकट की इस घड़ी में रावत नाच महोत्सव समिति बिलासपुर द्वारा 31 हजार 331 रूपयों की राशि मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष में भेंट किया गया है। उक्त राशि का डिमांड ड्राफ्ट मुख्यमंत्री सहायता कोष के नाम से कलेक्टर बिलासपुर को सौंपा गया है।
सुमन को घर पर मिली आंगनबाड़ी की सुविधा : लोधीपारा सरकंडा की सुमन कंसारी सामान्य दिनों की तरह अपनी दिनचर्या व्यतीत कर रही है। उसे कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिये प्रदेश में लागू लाॅकडाउन का कोई खास असर नहीं पड़ा है। उसे घर पर ही आंगनबाड़ी केन्द्र की सुविधा उपलब्ध है। सुमन की 5 माह की बच्ची है, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे घर पर ही आकर रेडी टू ईट (सूखा राशन) दे गयी है। उसे आंगनबाड़ी केन्द्र तक जाना नहीं पड़ता है। इसी तरह षिशुवती ममता, नेहा श्रीवास, ज्योति साहू एवं गर्भवती विनीता राय ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिये हैं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण एवं पूरक पोषण आहार की सुविधा घर पर ही मिली है। बच्चों के समग्र विकास के लिये डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से अभिभावकों तक सटीक सूचनाएं प्रेषित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि लाॅकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के बंद होने से शिशुवती एवं बच्चों के स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश के अनुरूप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा व्यापक प्रबंध किया गया है। इस दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किये जाने वाले पूरक पोषण आहार को सूखा राशन के रूप में घर तक पहुंचाकर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले के 20 हजार से अधिक शिशुवती माताओं को घर-घर जाकर सूखा राशन दिया गया है। वहीं बच्चों की सुपोषण के लिये 26 हजार से अधिक बच्चों के लिये पौष्टिक लड्डू का वितरण किया गया है। संबंधित हितग्राहियों को पौष्टिक आहार पैकेट बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उनके घरों में प्रदान किया गया है। क्रमांक 87/
लॉकडाउन में मनरेगा बना आय का महत्वपूर्ण आधार, 32 हजार से अधिक ग्रामीण मजदूर प्रतिदिन कर रहे काम : कोरोना महामारी के चलते जारी लॉक डाउन के बीच महात्मा गांधी नरेगा जिले में ग्रामीणों की आय का एक महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराये जा रहे हैं। बिलासपुर एवं गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ वे विभिन्न निर्माण कार्यों में लगे हैं। वर्तमान में रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले में 32841 पंजीकृत मजदूर कार्य कर रहे हैं और उनकी संख्या में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। जनपद पंचायत बिल्हा क्षेत्र में 89 ग्राम पंचायतों में 228 कार्य चल रहे हैं जिनमें 5612 मजदूर कार्यरत हैं। जनपद पंचायत कोटा क्षेत्र में 54 ग्राम पंचायतों में 294 कार्य चल रहे हैं जिनमें 3898 मजदूर कार्यरत हैं। जनपद पंचायत मस्तूरी क्षेत्र में 68 ग्राम पंचायतों में 159 कार्य चल रहे हैं जिनमें 3842 मजदूर कार्यरत हैं। जनपद पंचायत तखतपुर क्षेत्र में 62 ग्राम पंचायतों में 154 कार्य चल रहे हैं जिनमें 7605 मजदूर कार्यरत हैं। इस प्रकार बिलासपुर जिले में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 273 ग्राम पंचायतों में 835 कार्य चल रहे हैं जिनमें 20957 मजदूर कार्यरत हैं। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के जनपद पंचायत गौरेला क्षेत्र में 41 ग्राम पंचायतों में 156 कार्य चल रहे हैं जिनमें 3154 मजदूर कार्यरत हैं। जनपद पंचायत पेण्ड्रा क्षेत्र में 30 ग्राम पंचायतों में 185 कार्य चल रहे हैं जिनमें 3812 मजदूर कार्यरत हैं। जनपद पंचायत मरवाही क्षेत्र में 60 ग्राम पंचायतों में 331 कार्य चल रहे हैं जिनमें 4918 मजदूर कार्यरत हैं। इस प्रकार गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 131 ग्राम पंचायतों में 672 कार्य चल रहे हैं जिनमें 11884 मजदूर कार्यरत हैं। जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रितेश अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार, जल संचय के कार्य, सिंचाई कूप, व्यक्ति मूलक एवं सामुदायिक चेक डैम, डबरी निर्माण, पशुपालन शेड इत्यादि निर्माण कार्य स्वीकृत हैं। मैदानी अमलों को सख्त निर्देश दिये गए हैं कि निर्माण कार्यों के दौरान किसी भी स्थिति में एक ही स्थान पर लोगों का जमावड़ा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए तथा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए कार्य संपादित किया जाए। श्री अग्रवाल ने बताया कि राज्य शासन द्वारा मनरेगा के कार्यों को कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का सावधानी पूर्वक पालन कराते हुए रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किये गए हैं। समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से सम्पर्क करते हुए प्रतिदिन निर्माण कार्यों में मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाये, इसके चलते कार्यों एवं मजदूरों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
कोरोना सहायता एवं नियंत्रण कक्ष में 30 अप्रैल तक की ड्यूटी निर्धारित : कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु जिला स्तर पर जिला कार्यालय बिलासपुर के कक्ष क्रमांक 25 में सहायता एवं नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका टेलीफोन नंबर 07752-251000 है। स्थापित नियंत्रण कक्ष में कर्मचारी 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। नियंत्रण कक्ष के प्रभारी अधिकारी श्री अजीत पुजारी हैं। नियंत्रण कक्ष में 30 अप्रैल तक कार्य करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रतिदिन सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक श्री अरविंद साहू राजस्व निरीक्षक भू-अभिलेख शाखा जिला कार्यालय बिलासपुर, श्री दीपक चैहान सहायक ग्रेड-3 कार्यपालन अभियंता खारंग जल संसाधन संभाग बिलासपुर, श्री राजेश तम्बोली सहायक ग्रेड-3 सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बिलासपुर नियंत्रण कक्ष में उपस्थित रहेंगे। इसी प्रकार दोपहर 2 से रात्रि 10 बजे तक श्री देवेन्द्र पटेल सहायक ग्रेड-03 भू-अभिलेख शाखा जिला कार्यालय बिलासपुर, श्री अजय श्रीवास सहायक ग्रेड-03 सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बिलासपुर, श्री सुनील सिंह सहायक ग्रेड-03 कार्यपालन अभियंता खारंग जल संसाधन संभाग बिलासपुर उपस्थित रहेंगे। रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक श्री संजीव गजेन्द्र राजस्व निरीक्षक भू-अभिलेख शाखा जिला कार्यालय बिलासपुर, श्री शिवकुमार यादव सहायक ग्रेड-2 सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बिलासपुर और श्री रामस्वरूप सिंह राज सहायक ग्रेड-3 कार्यपालन अभियंता खारंग जल संसाधन संभाग बिलासपुर की ड्यूटी लगाई गई है।
बीपीएल, एकल निराश्रित एवं निःशक्त हितग्राहियों को तीन माह तक मिलेगा एक किलो निःशुल्क चना : नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये लागू किये गये राष्ट्रव्यापी लोकडाउन के दौरान अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित, अन्नपूर्णा एवं निःशक्तजन राशनकार्ड धारकों के लिए निःशुल्क चना अथवा चना दाल वितरण की योजना लागू की है। चने का वितरण अप्रैल से जून, तीन माह तक किया जायेगा। अनुसूचित क्षेत्रों में प्रत्येक हितग्राही को एक किलो चना निःशुल्क के अलावा अतिरिक्त एक किलो 5 रुपये की दर से दिया जायेगा। जिला कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने इस सम्बन्ध में सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देशित किया है कि उचित मूल्य दुकानों से चना वितरण के समय हितग्राहियों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाये साथ ही प्रत्येक राशन कार्ड धारक की हाथों की सफाई सैनेटाइजर अथवा उपयुक्त तरल साबुन से कराई जाये। यह भी निर्देशित किया गया है कि उचित मूल्य दुकानों में छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम द्वारा चना अथवा चना दाल का वितरण यथाशीघ्र कराया जाये तथा भंडारित कराये गये चना, चना दाल का सत्यापन निगरानी समिति से कराया जाकर खाद्य निरीक्षक एवं सहायक खाद्य अधिकारी द्वारा पुष्टि कराई जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि भंडारित खाद्यान्न की किसी भी प्रकार से अफरा-तफरी न हो।