एल्डरमैन की नियुक्ति के बाद कांग्रेसियों में फिर से उबाल

बिलासपुर. कांग्रेस में आज भी खेमेबाजी हॉवी है। विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस भवन में तोडफोड़ होना और नगर निगम चुनाव में दिग्गजों को हार का सामना करना यह सब खेमेबाजी का ही नतीजा है। 11 एल्डरमैंनों की नियुक्ति के बाद एक बार फिर से कांग्रेसी आपस में एक दूसरे को कोस रहे हैं। सोशल मीडिया में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
विधानसभा में निर्वाचित होने के बाद भी कांग्रेसियों से अलग-थलग चल रहे शहर विधायक के पांच कट्टर समर्थकों को एल्डरमेन का ताज सौंपा गया है। इसके बाद फिर से कांग्रेसी नाराज हो गये हैं। पार्टी के लिए जूझकर कार्य करने वाले संघर्षशील नेताओं को एक बार फिर से निराशा हाथ लगी है। लाठीचार्ज झेलने वाले कांग्रेसियों में निराशा देखी जा रहा है। लेकिन अब क्या हो सकता है सांप निकल जाने के बाद रस्सी पीटने जैसे हालत जमीनी कार्यकर्ताओं की हो चुकी है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश नगरीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्ति करते हुए सूची जारी कर दी है। बिलासपुर नगर निगम में 11 एल्डरमैंनों को हरी झंडी दी गई है। हालांकि जमीनी कार्यकर्ताओं और संभावित उम्मीदवारों के नाम सामने नहीं आये हैं। खबर तो यह भी यह है कि एल्डरमैनों की नियुक्ति से नाराज कांग्रेस संगठन के नेताओं ने अपना इस्तीफा भी सौंपा है।
जारी सूची के अनुसार-
1. श्यामलाल चंदानी
2. सुभाष
3. दीपांशु श्रीवास्तव
4. अखिलेश गुप्ता
5. शैलेंद्र जयसवाल
6. काशी रात्रे
7. अजरा खान
8. सुबोध केसरी
9. सुधा गोपाल सिंह
10. सुरेश सोनकर
11. यतीश गोयल