
बिलासपुर.ऑनलाइन परीक्षा में उत्पन्न होने वाली असुविधा के संबंध में अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के कुलसचिव को मेल के माध्यम से पत्र भेजा गया। करोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है ऐसे में विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालयो की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई l ऐसी स्थिति में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन परीक्षाएं ने के संबंध में प्रदेश में स्थित समस्त विश्वविद्यालयों से जानकारी तलब की गई है l उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों से संबंधित महाविद्यालयों में जिलेवार परीक्षार्थियों की संख्या, कंप्यूटर लैब एवं कंप्यूटर लैब की कैपेसिटी इंटरनेट कनेक्टिविटी, ट्रेंड शिक्षकों की संख्या सहित अन्य जानकारी दिनांक 17 अप्रैल की सुबह 11:00 बजे तक मांगी विश्वविद्यालयों को यह भी जानकारी देनी है कि ऑनलाइन परीक्षा लेने के लिए किसी सॉफ्टवेयर की आवश्यकता पड़ेगी या नहीं अगर पड़ेगी तो सॉफ्टवेयर बनाने में कम से कम कितना समय लगेगा l अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय की वास्तविक स्थिति को देखा जाए तो विश्वविद्यालय से संबंधित लगभग 184 महाविद्यालय है जिसमें करीब 1,70,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है एवं 103 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा दे रहे हैं । 184 महाविद्यालयों में से ज्यादातर महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में है जहां ना तो पर्याप्त शिक्षक है ना इंटरनेट कनेक्टिविटी है और ना ही कंप्यूटर लैब है एवं जो महाविद्यालय शहरों में है इसमें भी अगर 4 या 5 महाविद्यालय को छोड़ दिया जाए तो सभी महाविद्यालय दो कमरे में संचालित हो रहे हैं जहां ना तो पर्याप्त शिक्षक है ना ही कंप्यूटर लैब है। ग्रामीण अंचल के जितने भी छात्र हैं उन्हें अनिवार्य रूप से कभी भी कंप्यूटर की शिक्षा नहीं दी गई है अब ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राओं का एक बड़ा तबका परीक्षा देने से वंचित रह जाएगा आज की स्थिति में अगर हम उन्हें कंप्यूटर का प्रशिक्षण देते हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ना तय है।अब ऐसी स्थिति में अगर ऑनलाइन परीक्षाएं की जाती है तो यहां अध्ययनरत छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना होगा l अगर विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षाएं कराना चाहती हैं तो पहले इन सभी समस्याओं का निवारण करें