कुछ ऐसी थी ‘रामायण’ को बनाने वाले डायरेक्टर Ramanand Sagar की कहानी


नई दिल्ली. दूरदर्शन पर ‘रामायण (Ramayan)’ का प्रसारण शुरू हो चुका है. इस वजह से यह सबकी जुबान पर है. इसके एक्टर, एक्ट्रेस पहले ही घर-घऱ में अपनी पहचान बना चुके हैं. दोबारा शुरू हुई ‘रामायण’ ने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पर आप ‘रामायण’ को बनाने वाले डायरेक्टर की कहानी जानते हैं.

कपिल शर्मा के शो में सीरियल के निर्माता-निर्देशक रहे स्व. रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने बताया कि एक आदमी जिसने चपरासी का काम किया, सड़क पर साबुन बेचे, जर्नलिस्ट बने और मुनीम का काम किया. वो आदमी एक दिन ‘रामायण’ बना सकता है. यह कल्पना से परे था. एन एपिक लाइफ : रामानंद सागर’ बायोग्राफी लिखने वाले प्रेम सागर कहते हैं कि पापाजी ने कई हफ्तों और महीनों तक दिल्ली में चक्कर लगाए.

वो घंटों डीडी के दफ्तर और दूसरे अधिकारियों के ऑफिस के बाहर खड़े रहते थे. कई बार वो हफ्तों तक दिल्ली के अशोक होटल में सिर्फ इसलिए ठहरे रहते कि उनके पास कोई कॉल आएगा या उन्हें फलां अधिकारी का अपॉइन्टमेंट मिलेगा.

विक्रम-बेताल के बाद बनाया शो
सागर ने 1986 में विक्रम और बेताल को बनाया, जो हिट रहा. प्रेम सागर ने किताब में लिखा कि ‘विक्रम और बेताल की सफलता के बाद, पापाजी ने कहा ‘मैं ‘रामायण’ को वैसे ही बनाऊंगा जैसा मैं चाहता हूं.’ विक्रम बेताल के बहुत बड़े हिट बनने के बाद, सगर को ‘रामायण’ के लिए स्पॉन्सर्स मिल गए.

विक्रम और बेताल को 1 लाख रुपए प्रति एपिसोड में बनाया गया था, जबकि ‘रामायण’ को प्रति एपिसोड लगभग 9 लाख रुपए में बनाया गया था. प्रेम सागर का मानना है कि उनके पिता रामानंद सागर का जन्म ‘रामायण’ को फिर से लिखने के लिए हुआ था. उन्होंने कहा, ‘आज के इलेक्ट्रॉनिक युग के लिए ‘रामायण’ को फिर से लिखा है. हर काल के साथ, ‘रामायण’ को मानव जाति के लिए पुनर्जीवित किया जाना है.’

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