कृषि बिल पर किसानों को गुमराह करने वालों को पीएम मोदी ने चेताया, कही ये बात
नई दिल्ली. मौका तो था बिहार (Bihar) में विकास की योजनाओं के लोकार्पण का, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस अवसर पर उन दलों को जमकर खरी खोटी सुनाई जो किसानों से सम्बंधित बिल का विरोध कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा ने कल ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किया. लेकिन वो लोग किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं, जो दरअसल किसानों को अनेक बंधनों में जकड़कर रखना चाहते हैं. वे लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं या कहें कि किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं.
गौरतलब है कि कल लोकसभा में कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) बिल 2020 और किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा बिल, 2020 पारित हुआ था. इन विधेयकों के विरोध में अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया. यहां तक कि सालों पुराने अकाली-बीजेपी गठबंधन भी दांव पर लग गया है.
यही नहीं, कांग्रेस ने भी इन विधेयकों का विरोध किया और सदन से वॉकआउट किया था. माना जा रहा है कि पंजाब की सियासत के मद्देनजर ही किसान बिल पर जमकर राजनीति हो रही है और विपक्षी दल मोदी सरकार को किसान विरोधी साबित करने में जुट गए हैं.
पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक कदम-
यही वजह है कि इसकी काट के लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी मैदान में उतर गए हैं. बिल को किसान हितैषी साबित करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि किसानों को अपनी उपज देश में कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की आजादी देना, ऐतिहासिक कदम है. 21वीं सदी में भारत का किसान, बंधनों में बंधकर नहीं, बल्कि खुलकर खेती करेगा. जहां मन आएगा अपनी उपज बेचेगा. किसी बिचौलिए का मोहताज नहीं रहेगा और अपनी उपज, अपनी आय भी बढ़ाएगा.
कांग्रेस का वादा बीजेपी ने किया पूरा, फिर भी विरोध क्यों?
कांग्रेस पर बड़ा सियासी हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिस APMC एक्ट को लेकर अब ये लोग राजनीति कर रहे हैं, एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी. बता दें कि 2019 के घोषणापत्र में कांग्रेस ने ये सब वायदे किए थे. तभी तो लोक सभा में बिल पर हुई बहस का जवाब देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कल कहा था कि कांग्रेस के वायदे को प्रधानमंत्री मोदी पूरा कर रहे हैं. फिर कांग्रेस इसके विरोध में क्यों है ?
किसानों को मिलता रहेगा MSP का लाभ-
असल में सारी सियासत पंजाब की मंडी राजनीति को लेकर है. अकाली दल का मानना है कि किसान जब अपनी फसल कहीं भी बेच सकता है तो, मंडी की आर्थिक सुरक्षा का क्या होगा? जबकि सरकार का कहना है कि हम मंडी तो खत्म नहीं कर रहे हैं. ये किसान के ऊपर है कि वो अपनी फसल कहां बेचे. और जहां तक MSP की बात है, खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को MSP का लाभ नहीं दिया जाएगा. हमारी सरकार किसानों को MSP के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
मैं आज देश के किसानों को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं कि आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए. इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना है. ऐसे लोगों से सावधान रहें जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं. कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद, दुनिया में कहीं भी बेच सकता है, जहां चाहे वहां बेच सकता है. सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी.
किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आया विधेयक-
ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी. ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है. लेकिन ये लोग, ये भूल रहे हैं कि देश का किसान कितना जागृत है. देश का किसान ये देख रहा है कि वो कौन से लोग हैं, जो बिचौलियों के साथ खड़े हैं. ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं.
इन विधेयकों ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है, उन्हें आजाद किया है. इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प मिलेंगे, और ज्यादा अवसर मिलेंगे. लब्बोलुआब है कि इन विधेयकों के जरिए ‘वन नेशन वन मार्केट’ की तर्ज पर किसानों को अपना उपज किसी भी राज्य में ले जाकर बेचने की आजादी होगी.