कैदियों की रिहाई को लेकर फंसा पेंच, तालिबान ने बातचीत खत्म करने की दी धमकी
काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी के एक सलाहकार वहीद उमर ने कहा है कि तालिबान से बातचीत शुरू होने और देश में हिंसा की घटनाओं में कमी आने के बाद ही तालिबान के कैदियों को धीरे-धीरे रिहा किया जाएगा. वहीद उमर के सोमवार को दिए बयान कहा कि इन 2 शर्तो को मानने के बाद ही तालिबान के कैदियों की रिहाई संभव है.
वहीद उमर ने कहा, “हम तालिबान के कैदियों की सूची की समीक्षा कर रहे हैं. एक साथ 5,000 कैदियों को रिहा करना संभव नहीं है. हर एक कैदी को किस अपराध के लिए कैद किया गया है, हम उन अपराधों के बारे में जानने का प्रयास कर रहे हैं. इसमें समय लगेगा.”
वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने धीरे-धीरे कैदियों की रिहाई की अफगानिस्तान सरकार की योजना को खारिज कर दिया और कहा कि यदि एक साथ सभी 5,000 कैदियों को नहीं छोड़ा जाता तो वह वार्ता नहीं करेंगे. राष्ट्रपति अशरफ गनी के आदेश के मुताबिक पहली बारी में कुछ कैदियों को 14 मार्च को रिहा किया जाना था लेकिन अब प्रक्रिया में देरी हो रही है.