कोरोना के 2000 से अधिक मामले, पीएम मोदी का संदेश, राजनाथ के घर मेगाप्‍लान पर चर्चा


नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के मामले देश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस वक्‍त देश में 2000 से अधिक कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं. लिहाजा आज सुबह पीएम नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर इस समस्‍या से उपजे हालात पर निपटने के लिए मंत्री समूह की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक उसमें गृह मंत्री अमित शाह समेत 14 मंत्रियों ने शिरकत की. इसमें स्‍वास्‍थ्‍य के अलावा इन हालातों में कानून-व्‍यवस्‍था, आपूर्ति, परिवहन जैसे विषयों पर तैयारियों की समीक्षा की गई. मंत्री समूह की इस तरह की ये तीसरी बैठक थी. इस मीटिंग में समस्‍याओं और उनके समाधान के लिए क्‍या निर्णय लिए गए, इस बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराया जाएगा.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश की ‘सामूहिक शक्ति’ के महत्व को रेखांकित करते हुए रविवार पांच अप्रैल को देशवासियों से अपने घरों की बालकनी में खड़े रहकर नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की.

आइए जानते हैं पीएम मोदी के वीडियो संदेश की 10 बड़ी बातें
– ये लॉकडाउन का समय जरूर है, हम अपने अपने घरों  में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है. 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का संबल है.

– 5 अप्रैल को रात 9 बजे घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में खड़े रहकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं और उस समय जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा, तब प्रकाश की उस महाशक्ति का अहसास होगा.

– सोशल डिस्टेंसिग की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है. सोशल डिस्टेंसिग को किसी भी हालत में तोड़ना नहीं है. कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है.

– मेरी देशवासियों से एक और प्रार्थना है कि किसी को भी कहीं भी इकट्ठा नहीं होना है. सभी सिर्फ अपने दरवाजे या बालकनी में ही खड़े होकर मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं.

– 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है, उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है. इस 5 अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है.

– इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है उसे समाप्त करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है. इस अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने के लिए हमें प्रकाश के तेज को चारो दिशाओं में फैलाना है.

– आपने जिस प्रकार 22 मार्च रविवार के दिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया, वो आज सभी देशों के लिए मिसाल बन गया. आज कई देश इसे दोहरा रहे हैं. यह भाव प्रकट हुआ कि देश एक होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ सकता है.

– लॉकडाउन के समय में देश की आप सभी के लिए सामूहिकता चरितार्थ होती नजर आ रही है.

– जनता जनार्दन ईश्वर का ही रूप है. इस कोरोना संकट से जो अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे हमें दूर करना है.

– ‘कोरोना के अंधकार को पराजित कर हमें प्रकाश के तेज को चारों दिशाओं में फैलाना है.’

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