खोदापुर के नाम से घटिया राजनीति : सड़क धंसने से पिकप वाहन पलटी, कोई हताहत नहीं
बिलासपुर. शहर मुख्य मार्गों के साथ साथ गली-मोहल्लों की सड़कों की बुनियाद कमजोर होने के कारण आये दिन हादसे हो रहे हैं। भारी वाहनों के गुजरते ही सड़कें धंस रही हैं। सीवरेज परियोजना के बाद अमृत मिशन योजना के लिए सड़कों को बेतरतीब ढंग से खोदाई करने के बाद भ्रष्टाचार का लेप लगा दिया गया है। सड़कें अंदर से पूरी तरह खोखली हैं। भारी वाहनों के साथ साथ लोगों की जानमान पर संकट मंडरा रहा है। बिलासपुर को खोदापुर का नाम तो दे दिया गया है लेकिन खोदापुर की सड़कों को सुधारने की दिशा में कोई काम नहीं हो पा रहा है। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाकर अपना हित साध रहे हैं। सड़कों के निर्माण में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है, शहर में रोजाना सड़के धंस रही है। हादसे के बाद धंसी हुई सड़क को फिर से पाटकर खानापूर्ति की जा रही है।
चांटापारा स्थित बाजपेयी मैदान के पास आज दोपहर पैरा-कटिया भरी पिकप वाहन सडक धंसने से पलट गई। भीड़-भाड़ के समय वाहन पलटने से लोग दशहत आ गए। हालांकि उक्त हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन सड़क से गुजरने वाले लोग थोड़ी देर के लिए सहम गए थे। भाजपा शासन काल के दौरान बिलासपुर में सीवरेज परियोजना को हरी झंडी दी गई। सिम्प्लेक्स कंपनी ने भूमिगत नाली योजना के लिए सड़कों को बेतरतीब ढंग से खोदना शुरू कर दिया। इसके बाद आये दिन सड़क धंसने लगी। लोगों ने बिलासपुर शहर का नाम खोदापुर तक घोषित कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने सिवरेज योजना का विरोध भी किया।
बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय ने सड़क धंसने का पुरजोर विरोध करते रहे और चुनाव भी जीत गए। अब राज्य में कांग्रेस की सरकार बन चुकी है। अमृत मिशन के नाम से शहर की सड़कों को फिर से खोदा गया। खोदे गए सड़कों की मरम्मत घटिया तरीके से की गई। आम जनता को आज भी बदहाल सड़कों से गुजरना पड़ रहा है। जगह-जगह सड़कें धंस रही है। लोग आज भी हादसे का शिकार हो रहे हैं। बाजपेयी मैदान के पास जिस समय सड़क धंसने से पिकप वाहन पलटी उस दौरान काफी संख्या में लोग आवाजाही कर रहे थे। कुछ लोग यहां पर काम भी कर रहे थे। हादसे में कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन प्रत्यक्षदर्शी लोग सहम गए थे। जनहित में राज्य की कांग्रेस सरकार को बदहाल हो चुकी सड़कों को बुनियादी स्तर पर सुधारने की सख्त जरूरत है।