गंभीर ने धोनी के साथ बिताए पल को किया याद, माही के रूममेट बने थे गौतम
नई दिल्ली. एमएस धोनी को यूं ही कैप्टन कूल नहीं कहा जाता. दरअसल धोनी का कूल एटीट्यूड ही उन्हें विशेष बनाता है. धोनी को न सिर्फ भारत का सबसे सफल कैप्टन माना जाता है, इसके साथ उनकी गिनती दुनिया के सबसे महान कप्तानों में की जाती है. अपनी कप्तानी में धोनी ने टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक बनाने के साथ-साथ 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब दिलवाए हैं. धोनी ऐसा करने वाले पहले और इकलौते कैप्टन हैं.
ऐसा कहा जाता है कि जब धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टन थे तो उनके रूम के दरवाजे टीम के दूसरे खिलाड़ियों के लिए हमेशा खुले रहते थे. कोई भी भारतीय खिलाड़ी किसी भी वक्त उनके रूम आ-जा सकता था. लेकिन आज तक किसी भी क्रिकेटर ने धोनी के साथ रूम शेयर करने के अपने अनुभव के बारे में कुछ नहीं कहा था, पर इस मामले में अब गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. एक खेल चैनल से बातचीत के दौरान गंभीर ने धोनी से जुड़े कई रोचक किस्से साझा किए और कहा, ‘हम एक महीने से अधिक समय तक रूममेट थे और इस दौरान हम बालों के बारे में ही बात किया करते थे क्योंकि उस समय धोनी के बाल काफी लंबे थे. हम बात किया करते थे कि वो कैसे अपने बालों और बाकी चीजों को मैनटेन करते हैं.’
गंभीर ने आगे कहा ‘मुझे याद है एक बार हम जमीन पर भी सोए थे क्योंकि पहले हफ्ते में हमें जो कमरा मिला था वो काफी छोटा था. हम उसे बड़ा करने के बारे में बात किया करते थे. तब हमने कमरे से बैड को बाहर कर दिया और हम जमीन पर सोने लगे. वह शानदार लम्हें थे. हम दोनों युवा थे, धोनी ने उसी समय खेलना शुरू किया था. हम केनिया एक साथ गए, इंडिया ए के जिम्बाब्वे दौरे पर हमने एक साथ काफी समय बिताया. लेकिन जब आप किसी के साथ एक महीने तक रूम शेयर करते हो तब आप उसके बारे में सबसे ज्यादा जान सकते हो.’
यहां आपको बता दें कि टीम इंडिया के बाकी क्रिकेटर्स की तरह धोनी भी अपने घर पर रहकर कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से बचाव कर रहे हैं. इस महामारी के कारण फिलहाल भारत में हर तरह का क्रिकेट बंद है और देश में बढ़ते हुए कोरोना वायरस मरीजों की संख्या को देखते हुए क्रिकेट का दोबारा शुरू होना अभी मुश्किल लगता है. वैसे भी बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) अभी इस बारे में आश्वस्त नहीं हैं कि क्रिकेट को इन हालात में शुरू किया जा सकता है या नहीं.