गलियों नुक्कड़ों में रोज उड़ रही हैं, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
बिलासपुर.बिलासपुर शहर में एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक लॉकडाउन के नियमों का 90% से भी अधिक लोगों द्वारा अक्षरशः पालन किया जा रहा है। वहीं मात्र 5 से 10% लोग बिना वजह सड़कों पर फर्राटे भर कर अथवा विभिन्न वार्डों के गली-मोहल्लों में जगह-जगह बिना मास्क के भीड़-भाड़ कर लॉक डाउन और कोरोनावायरस के खिलाफ चल रही जंग में सेंध लगाने का अपराध कर रहे हैं। लॉकडॉउन के पहले दिन से ही बिलासपुर में तकरीबन पूरे दिन और रात भर, लाल खदान तोरवा से लेकर उसलापुर तक और तिफरा से लेकर सरकंडा का तक,वहीं कोनी से लेकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन तक,सभी सड़कों पर सन्नाटा सा छाया रहता है। गाहे-बगाहे गुजरने वाली चंद मोटरगाड़ियों को छोड़कर शहर की सभी मुख्य सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटे की चादर सी बिछी रहती है। जिला व पुलिस प्रशासन प्रशासन की मुस्तैदी और चौतरफा चलने वाली सख्त गश्त के कारण बिलासपुर में लॉक डाउन आमतौर पर पूरी तरह सफल दिखाई दे रहा है। लेकिन वहीं शहर की मुख्य सड़कों और चौक चौराहों को छोड़कर विभिन्न वार्डों, मोहल्लों की गलियों तथा नक्कडों में जगह-जगह बिना मास्क के खड़े होकर अड्डे बाजी करने वाले लोग और असामाजिक तत्व, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही लाक डाउन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उनकी इन हरकतों का खामियाजा आने वाले समय में शहर के सभी नागरिकों को भोगना पड़ सकता है । हर दिन सूर्यास्त के पश्चात शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में रहने वाले लोग घरों से बाहर आ रहे हैं। वे बिना मास्क लगाएं घूमते रहते हैं। वहीं उन्हें एक दूसरे से दूरी बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की भी कोई चिंता नही रहती। अनुशासनहीनता और उच्छृंखलता का ऐसा नज़ारा रोज शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक शहर के किसी भी वार्ड की गलियों मोहल्लों में देखा जा सकता है । बिलासपुर शहर में जिला व पुलिस प्रशासन, नगर निगम नगर पालिकाओं तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जमीनी अमले ने कोरोना से जंग में अपनी पूरी ताकत व ऊर्जा झोंक दी है। वे दिन रात कोरोना के फैलाव को नियंत्रित करने में जी जान से लगे हुए हैं ।वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न वार्डों की गलियों और मोहल्लों में चंद असामाजिक तत्व उनके इन प्रयासों की खिल्ली उड़ाने मे लगे हुए हैं। लिहाजा,यदि बिलासपुर शहरी क्षेत्र में कोरोना वायरस को नियंत्रित करना है। तो यहां के सभी वार्डों की गलियों मोहल्लों में शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक गश्त और सख्ती बरतना अत्यंत आवश्यक है ।साथ ही नियम कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किया जाना निहायत जरूरी हो गया है । इसी तरह छूट की अवधि में निरन्तर निगरानी के साथ साथ मास्क नही पहनने वाले एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए अपनी दुकानों के आगे भीड़ इकट्ठा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी तत्काल कठोर कार्यवाही नितांत आवश्यक हो गयी है। वहीं शहर के जिला चिकित्सालय एवं सिम्स चिकित्सालय में संस्था प्रमुखों द्वारा सामाजिक दूरी सोशल डिस्टेंस बनाए रखने का कोई प्रबंध नही किया जा रहा है। इसमें उनके खिलाफ भी कार्यवाही करने के साथ साथ प्रतिदिन निरीक्षण अनिवार्य है। ऐसा करने पर ही, आने वाले समय में बिलासपुरवासियों को कोरोना वायरस से सुरक्षित रख पाना संभव हो सकेगा। उम्मीद की जानी चाहिए कि जिला व पुलिस प्रशासन तथा नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग इस ओर पूरी तरह ध्यान देकर, बिलासपुर शहर के न केवल मुख्य मार्गों,वरन विभिन्न वार्डो और मोहल्लों की भीतरी बस्तियों तथा गलियों-मोहल्लों व नुक्कड़ों में भी लाक डाउन के नियमों को सख्ती से अमल में लाने के लिए पूरी तरह बेमुरव्वती से ठोस पहल करने में जरा भी नहीं हिचकेंगे।