ग्रैमी अवॉर्ड विनर म्यूजिशियन रिकी केज ने फिर बढ़ाया देश का मान, किया यह बड़ा काम!

नई दिल्ली. इंडियन म्यूजिक कंपोजर, म्यूजिक प्रोड्यूसर और पर्यावरणविद रिकी केज ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है. ग्रैमी अवॉर्ड पाकर देश के संगीत को गौरवांन्वित करने वाले रिकी अब यूनेस्को के काइंडनेस एम्बेसडर के लिए चुने गए हैं.
यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (एमजीआईईपी) ने ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज को ग्लोबल एम्बेसडर फॉर काइंडनेस नामित किया है. अगले महीने दिल्ली में यूनिस्को एमजीआईईपी की वर्ल्ड यूथ कॉन्फ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है. काइंडनेस एम्बेसडर होने के नाते रिकी यहां ग्लोबली कैंपेन का संदेश देते नजर आएंगे.
काइंडनेस मेटर्स कॉन्सर्ट में रिकी अपनी वैश्विक संगीतकारों की टीम के साथ काइंडनेस मेटर्स एंथम को लाइव रिलीज करेंगे. वर्ल्ड यूथ कॉन्फ्रेंस दयालुता को लेकर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है.
रिकी केज ने कहा, “ग्लोबल एम्बेसडर फॉर काइंडनेस होने के नाते मैं उम्मीद कर रहा हूं कि वैश्विक दयालुता के कृत्यों को उजागर करूं. खास तौर पर युवाओं में”
सस्टेनेबल डेवलपमेंट के उद्देश्यों को लेकर होने वाला कैंपेन काइंडनेस मेटर्स वैश्विक रूप से 2 अक्टूबर 2018 को लॉन्च हुआ था. शांति और दयालुता की संस्कृति को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है.
बता दें कि साल 2015 में रिकी केज को उनके एलबम ‘विंड्स ऑफ संसार’ के लिए 57वें ग्रैमी पुरस्कार समारोह में ‘बेस्ट न्यू एज एलबम’ का खिताब मिला था. रिकी केज ने यह एलबम अफ्रीकी बांसुरीवादक वूंटर केलरमैन के साथ मिलकर बनाया था.