चीन ने की ‘डिजिटल साजिश’! चाइनीज मोबाइल से अरुणाचल प्रदेश कैसे हुआ गायब?


नई दिल्ली. क्या चीन का सस्ता मोबाइल देश के सम्मान अखंडता और संप्रभुता से ज्यादा जरूरी है? क्या ऐप के बाद अब चीन की मोबाइल बंदी का वक्त आ गया है? क्या ये महज इत्तेफाक हो सकता है कि चीन जिन-जिन इलाकों को विवादित या जिनपर अपना दावा ठोकता है वो इलाके चाइनीज मोबाइल के वेदर ऐप से गायब हैं? आपको बता दें कि चीनी मोबाइल के वेदर ऐप से वो शहर और इलाके गायब हैं जिनको चीन विवादित मानता है.

चाहे अरुणाचल हो या उत्तर पूर्व के राज्य, क्या ये महज इत्तेफाक है कि जब पत्रकार लेह से ट्वीटर पर लाइव करते हैं तो उन्हें चीन से लाइव बताया जाता है? या ये किसी तरह की डिजिटल घुसपैठ की कोशिश है?

बता दें कि नेशनल सिक्योरिटी एनालिस्ट नितिन गोखले रविवार को लेह के वॉर मेमोरियल से ट्विटर पर लाइव कर रहे थे. उस समय उनकी लोकेशन जो लेह में थी उसको ट्वीटर द्वारा चीन का हिस्सा बताया गया.

इस मामले पर ट्वीटर की तरफ से कहा गया कि ये तकनीकी दिक्कत थी जिसे सुधार लिया गया है. लेकिन सवाल ये है कि क्या इतना बड़ा संयोग हो सकता है कि जिस इलाके को चीन विवादित मानता है या जहां इस वक्त लगभग लड़ाई जैसे हालात हैं उसे ही चीन का हिस्सा दिखाया गया? ये भी शिकायतें लगातार आ रही हैं कि चीन के लगभग हर मोबाइल से ऐसी हरकतें की जा रही है.

विवाद बढ़ने पर चीनी मोबाइल कंपनी श्याओमी ने भी इसे तकनीकी खामी बताया है. कंपनी का कहना है कि तकनीकी खामी के चलते ऐसा हुआ जिसे अब ठीक कर लिया गया है.

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