चुचुहियापारा रेलवे फाटक हत्याकांड के सभी आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर. चुचुहियापारा रेलवे फाटक के पास शनिवार रात को हुई पुलिस मुखबिर की हत्या के मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है। बताया जा रहा है कि यह सभी युवक नशे का कारोबार करते हैं । इसी कारण इनमें लंबे वक्त से आपसी संघर्ष जारी था। शनिवार को भी नशे की हालत में दो पक्षों में विवाद हो गया । शनिवार को भी आयुष यादव और धीरू के बीच विवाद चल रहा था। इसके बाद लाल खदान में रहने वाला अजय जाना धीरू को लेकर तोरवा थाने पहुंच गया और अपने ही साथियों के खिलाफ शिकायत कर दी, जिससे उसके ही दोस्त उससे नाराज हो गए । जब धीरू घर लौट रहा था तो रेलवे फाटक के पास आयुष यादव ,सागर तिवारी अमित भगत, राहुल साहू और उसके एक नाबालिक दोस्त ने धीरू का रास्ता रोक लिया और उससे एक बार फिर झगड़ा करने लगे। जिसके बाद धीरू ने अपने दोस्त अजय जाना को भी मौके पर बुला लिया। अजय के खिलाफ पहले से ही खुन्नस पाल रहे आरोपियों ने अजय को देखते ही उस पर जानलेवा हमला कर दिया ।
इसी बीच आयुष ने चाकू निकालकर अजय जाना और धीरू के शरीर पर कई जगह हमले कर दिए। धीरू तो अपनी जान बचाकर भाग निकला लेकिन अजय के शरीर पर कई घातक वार हो गए जिससे वह वही गिरकर तड़पने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे उठाकर पुलिस की मदद से अपोलो अस्पताल भेजा लेकिन रास्ते में ही अजय जाना ने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश करने लगी। पुलिस को सूचना मिली कि कुछ आरोपी जयरामनगर में छुपे हुए हैं। पतासाजी करती पुलिस जयरामनगर भी पहुंच गई, जिसके बाद आयुष, सागर तिवारी और अमित भगत को पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद उनके और साथियों की भी जानकारी हासिल हो गई और सभी पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिसमें एक नाबालिग भी है। बताया जा रहा है कि मृतक अजय जाना तोरवा पुलिस का मुखबिर था। बंधवापारा, शंकर नगर, चुचुहियापारा के आसपास के यह सभी युवक अपराधिक प्रवृत्ति के थे , ये खुलेआम नशा करते थे और नशे का कारोबार भी ,लेकिन पुलिस ने इनके खिलाफ कभी कोई सख्त कार्यवाही नहीं की ,जिसके कारण इनके हौसले बढ़े हुए थे और इन्होंने मामूली बात पर एक युवक की तरह से हत्या कर दी।