चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन : आपराधिक मामलों को तीन बार अखबारों में छपवाना अनिवार्य
नई दिल्ली. चुनाव आयोग (Election Commission) ने नॉमिनेशन के लिए राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी की है. इसमें राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पब्लिसिटी के समय में बदलाव किया गया है. इसके मुताबिक, राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशियों और निर्दलीय प्रत्याशियों को अपने क्रिमिनल बैकग्राउंड की जानकारी तीन बार न्यूज पेपर और टेलीविजन पर देनी होगी.
इस तरह 3 बार देनी होगी जानकारी
पहली पब्लिसिटी: नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख के शुरुआती 4 दिनों के भीतर जानकारी देनी होगी.
दूसरी पब्लिसिटी: नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख में 5 से 8 दिन बाकी रहने के भीतर जानकारी देनी होगी.
तीसरी पब्लिसिटी: चुनाव प्रचार में जब 9 दिन बाकी रह जाएं, तब से लेकर चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले यह जानकारी देनी होगी. चुनाव प्रचार वोटिंग के दो दिन पहले खत्म होते हैं.
चुनाव लड़ने वालों और वोट करने वालों में जागरूकता आएगी- आयोग
आयोग ने कहा कि जहां पर प्रत्याशी और पार्टियों द्वारा उतारे गए कैंडिडेट निर्विरोध जीत रहे हैं, उन्हें भी इसी तरह से क्रिमिनल बैकग्राउंड की जानकारी देनी होगी. इस संबंध में अब तक जो फॉरमेट और इंस्ट्रक्शन जारी किए गए हैं, उन्हें भी पब्लिश किया गया है. चुनाव आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया से वोटरों, पार्टियों और प्रत्याशियों में जागरूकता फैलेगी. इससे वोटरों को ज्यादा जानकारी के साथ अपनी पसंद का चयन करने का मौका मिलेगा.
तत्काल प्रभाव से लागू होंगे आदेश
आयोग ने कहा कि हमारा हमेशा ही इस बार पर जोर रहा है कि लोकतंत्र की बेहतरी के लिए जनता को जागरूक करने वाले नियमों को सख्ती से लागू किया जाए. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे.