छेडख़ानी की शिकार महिला को सरकंडा पुलिस ने बिना शिकायत लिये थाने से कर दिया चलता


बिलासपुर. छेडख़ानी की शिकायत लेकर सरकंडा थाने पहुंची महिला को घंटों थाने में बैठाकर बिना शिकायत दर्ज किए पुलिस कर्मचारियों ने चलता कर दिया गया। उल्टे पीडि़त महिला को पुलिस कर्मचारी सवालों में उलझाते रहे पुलिसिया हरकत से नाराज परेशान महिला थाने से लौट आई। सरकंडा पुलिस द्वारा गंभीर से गंभीर अपराधों पर लापरवाही बरती जा रही है और यही कारण है कि इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था केवल मजाक बनकर रह गई है। हालात यह है कि छेडख़ानी की शिकार हुई महिला अब खुद शर्मशार महसूस कर रही है। पीडि़त महिला ने बताया उनके पति के आफिस में कार्यरत एक कर्मचारी ने उससे छेडख़ानी की और विरोध करने पर भी नहीं मान रहा था। घटना से डरी सहमी महिला सीधे इंदिरा विहार स्थित सखी सेंटर पहुंची और छेडख़ानी की घटना के बारे में विस्तार से बताया। सखी सेंटर के पदाधिकारियों ने पीडि़त महिला का हौसला बढ़ाया और उसे सरकंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराने भेज दिया।  मंगलवार 7 जुलाई को  सरकंडा थाने पहुंची पीडि़ता से महिला कर्मचारी ने शिकायत दर्ज करने के नाम पर घंटो पर थाने में बिठाये रखा। पुलिस कर्मचारियों के अनाप-शनाप सवाल को सुनकर भी पीडि़त महिला थाने में घंटो बैठी रही। कोई सुनवाई नहीं होने पर महिला थाने से लौट आई। छेडख़ानी से जैसे गंभीर मामले पर कानून में कई तरह के प्रावधान बनाये गए ताकि पीडि़ता को किसी प्रकार की समस्या न हो। लेकिन सरकंडा थाने में तैनात महिला पुलिस कर्मचारी अगर पीडि़ता के दर्द नहीं समझी है तो यह साफ हो जाता है कि थाने में जमकर मनमानी की जा रही है। देह व्यापार, गांजा-शराब तस्करी के साथ साथ सरकंडा क्षेत्र में जुआ सट्टा का कारोबार पुलिस की सरपरस्ती में बदस्तूर जारी है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी सरकंडा थाने में चल रही मानमानी और रिश्वत खोरी को देखकर भी अंजान बने हुए हैं। जनहित में बेलगाम हो चुके सरकंडा थाने के कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

महिला कर्मचारी ने नहीं समझा पीडि़ता दर्द

सरकंडा थाने में पदस्थत महिला पुलिस कर्मचारी ने पीडि़ता को घंटो बैठाये रखा। अधिकारी के आने के बाद ही शिकायत दर्ज की जाएगी कहकर उस पर दबाव बनाया गया और तो और उल्टे पीडि़ता को ही खरी-खोटी सुनाई गई। थाने में महिला ही जब महिला का दर्द नहीं समझ रही है तो कोई न्याय की आस लगाएगा।

शाम को 6 बजे भेजिए

सखी सेंटर से अगर मामला आता है तो शिकायत जरूर दर्ज की जाती है। अगर पीडि़ता की शिकायत दर्ज नहीं की गई है तो आप उसे शाम को 6 बजे भेज दीजिए।
-सनिप रात्रे,थाना प्रभारी

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