जब Spot Fixing के जुर्म में Salman Butt, Mohammad Amir और Mohammad Asif को मिली थी सजा
नई दिल्ली. 5 फरवरी यानी आज का दिन पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है. आज ही के दिन 2011 में पाकिस्तान के तीन खिलाड़ी- सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ को आईसीसी ने स्पॉट फिक्सिंग के जुर्म में बैन कर दिया था. इन तानों खिलाड़ियों को 2010 के लॉर्ड्स (Lords) टेस्ट के दौरान स्पॉट फिक्सिंग (Spot Fixing) का दोषी पाया था.
तीनों खिलाड़ियों पर लगा था लंबा बैन
लॉर्ड्स (Lords) टेस्ट में स्पॉट फिक्सिंग (Spot Fixing) के दोषी पाए गए इन सभी खिलाड़ियों पर आईसीसी (ICC) ने लंबा बैन लगाया था. आईसीसी (ICC) ने सलमान बट (Salman Butt) के ऊपर 10, मोहम्मद आसिफ (Mohammad Asif) के ऊपर 7 और मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) के ऊपर 5 साल का बैन लगाया था. हालांकि बाद में आसिफ के बैन को घटाकर 5 साल का कर दिया गया था.
तीनों को काटनी पड़ी थी जेल
स्पॉट फिक्सिंग (Spot Fixing) में दोषी पाए गए इन खिलाड़ियों को सिर्फ बैन होने की ही सजा नहीं दी गई थी, बल्कि इन सभी को कुछ समय जेल में भी समय काटना पड़ा था. नवंबर 2011 में लंदन की एक अदालत ने तीनों को जेल की सजा सुनाई. बट को दो साल और छह महीने, आसिफ को एक साल और आमिर को छह महीने की सजा सुनाई गई थी. जबकि टेस्ट में नो बॉल पर टेप पर चर्चा करने वाले एजेंट मजहर माजिद (Majhar Majid) को दो साल और आठ महीने की सजा सुनाई गई थी.
आमिर ने की थी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी
2012 की शुरुआत में, पोर्टलैंड यंग ऑफेंडर्स इंस्टीट्यूशन में तीन महीने बिताने के बाद आमिर को रिहा कर दिया गया था. जनवरी 2015 में, उन्होंने कराची-आधारित टीम के लिए ग्रेड दो क्रिकेट खेलने के लिए हस्ताक्षर किए, क्योंकि आईसीसी (ICC) ने उन्हें बैन के निर्धारित अंत से आठ महीने पहले पीसीबी के तत्वावधान में घरेलू क्रिकेट खेलने की अनुमति दे दी थी. ठीक एक साल बाद उन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान के लिए खेलना शुरू कर दिया था. हालांकि बट और आसिफ घरेलू क्रिकेट में ही वापसी कर पाए थे.