जिले में 85 शासकीय भवनों को बाधारहित बनाया जायेगा : कलेक्टर

बिलासपुर. विश्व विकलांग दिवस पर शासकीय समाज कल्याण विभाग एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान मंे शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय तिफरा बिलासपुर में निःशक्त बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम और परिचर्चा आयोजित की गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग ने कहा कि निःशक्तों के अनुकूल भवनों को बाधारहित बनाने के लिये 85 शासकीय भवनों को चिन्हांकित किया गया है और इन भवनों को दिव्यांगों के अनुरूप बनाने के लिये राशि आबंटन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

कलेक्टर डाॅ.अलंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि निःशक्तजनांे को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। शिक्षा और रोजगार में उन्हंे सामान्य व्यक्तियों की तरह अवसर मिले। इस हेतु योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बिलासपुर की वेबसाईट को भी दिव्यांगों के अनुकूल बनाया गया है। कलेक्टर ने सभी निःशक्त छात्र-छात्राओं के लिये छात्रवृत्ति का आॅनलाईन फार्म भराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बिलासपुर मंे श्रवण बाधित लोगों के लिये बहुत काम हुआ है। हमारी कोशिश होनी चाहिये कि दिव्यांगों को साथ मंे लेकर समाज आगे बढ़ें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांग बच्चों में रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है और वे समय-समय पर इसका प्रदर्शन भी करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण दिव्यांगों के कल्याण के लिये जो भी संभव हो, वह करने के लिये तत्पर है।

नालसा ने इसके लिये योजना भी बनाई है।कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं के निःशक्त बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। एकलगीत, समूहगीत, नृत्य, प्रहसन, नाटक आदि का सटीक मंचन कर उन्होंने दर्शकों को चकित कर दिया। सभी ने इन बच्चों की प्रतिभा को सराहा। कार्यक्रम में शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय, आश्रयदत्त कर्मशाला, डेफ एसोसिएशन, आनंद निकेतन, जस्टिस तन्खा, श्री स्पेशल केयर, नेत्रहीन कन्या विद्यालय, विकास सेवा संस्थान घरौदा के निःशक्त बच्चे सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को अतिथियों द्वारा पुरूस्कार का वितरण किया गया।

इस अवसर पर श्रीमती सी चन्द्राकर, जिला पुनर्वास अधिकारी, श्री आर.के.पाठक उपनियंत्रक, श्रीमती बविता कमलेश प्राचार्य, श्रद्धा मैथ्यु, सत्यभामा अवस्थी, कविता पुजारा, ममता मिश्रा सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।