टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच बनना चाहते हैं ये पाक क्रिकेटर
नई दिल्ली. पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने कुछ दिन पहले टीम इंडिया का कोच बनने की मंशा जाहिर करके पूरे भारत में सनसनी फैला दी थी. शोएब ने कहा था कि अगर बीसीसीआई (BCCI) उन्हें मौका दे तो वे भारत के कोच जरूर बनेंगे और ऐसा बदलाव लाएंगे जैसा भारतीय क्रिकेट ने न तो पहले कभी देखा होगा और न ही सुना होगा. शोएब की मानें तो वे भारतीय गेंदबाजों को आक्रामक, ज्यादा तेज और बल्लेबाजों के साथ पिच पर भिड़ने के लिए तैयार करेंगे, तो क्या शोएब का ये एटीट्यूड होगा भारत के लिए फायदेमंद, आइए जानते हैं हमारी इस स्पेशल स्टोरी में.
शोएब अख्तर अपने जमाने के सबसे बेहतरीन और खूंखार गेंदबाजों में से एक हैं. शोएब अख्तर के नाम न सिर्फ दुनिया की सबसे तेज गेंद फैंकने का रिकॉर्ड दर्ज है, इसके साथ-साथ शोएब ने अपने टेस्ट करियर में 178 विकेट, वनडे क्रिकेट में 247 विकेट और टी-20 इंटरनेशनल्स में 19 विकेट लिए हैं. उनके करियर की सबसे खास बात ये है कि वो उन कुछ गेंदबाजों में से हैं जिनकी औसत खेल के तीनों फॉर्मेट में 25 या 25 से कम है. गौरतलब हे कि शोएब की टेस्ट में औसत 25.69 है, वहीं वनडे में उनकी औसत 24.97 है. इसके साथ ही उनकी टी-20 औसत 22.73 है. शोएब की सिर्फ औसत ही कम नहीं है उनकी स्ट्राइक रेट भी गजब की है और यही सब बातें शोएब को महान गेंदबाज बनाती हैं.
सच कहा जाए तो शोएब का एटीट्यूड ही उनका सबसे बड़ा हथियार हुआ करता था क्योंकि उन्होनें अपने जमाने में बड़े से बड़े बल्लेबाज की कभी परवाह नहीं की. फिर चाहें वो सचिन तेंदुलकर हों या राहुल द्रविड़ या फिर कोई और बल्लेबाज, शोएब ने हर किसी का सामना बेखौफी के साथ किया. शोएब का यही एटीट्यूड भारत के बहुत काम आ सकता है क्योंकि टीम इंडिया के गेंदबाजों को आज भी बिना डरे गेंदबाजी करना नहीं आता. भारतीय गेंदबाज अक्सर पिटने के बाद काफी दवाब में आ जाते हैं और अपनी गेंदबाजी पर फोकस नहीं कर पाते. ऐसे में अगर शोएब टीम इंडिया के कोच बनते हैं तो वो भारत के गेंदबाजों को बिना डरे गेंदबाजी करना जरूर सिखाएंगे. इससे हमारे गेंदबाज उन्हीं की तरह आक्रामक हो जाएंगे और फिर कभी दवाब में नहीं आएंगे.
बेखौफ गेंदबाजी के अलावा शोएब भारतीय गेंदबाजों को निरंतरता के साथ बहुत तेज गति से गेंद फेंकना भी सिखाएंगे क्योंकि अक्सर टीम इंडिया के बॉलर्स स्पीड से गेंदबाजी करना भूल जाते हैं. गेंदबाजी का ये वो पहलू है जिस पर शोएब की पकड़ बहुत मजबूत है क्योंकि शोएब ने अपने पूरे करियर के दौरान 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे कभी गेंदबाजी नहीं की. वैसे तो जसप्रीत बुमराह जैसे गेंदबाज कई बार 150 की स्पीड टच कर चुके हैं पर भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाजों के लिए शोएब का गाइडेंस उनके करियर को एक नई दिशा दे सकता है. कुल मिलाकर शोएब का टीम इंडिया का कोच बनना हर तरह से भारत के लिए फायदेमंद होगा.