तखतपुर विधायक रश्मि आशीष सिंह बनाई गई संसदीय सचिव


बिलासपुर. राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने 15 संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर दी है। सभी को शपथ दिलाने के बाद उनके कार्यों का भी विभाजन कर दिया गया है। बिलासपुर जिले की तखतपुर विधायक डॉ. रश्मि आशीष सिंह को संसदीय सचिव बनाया गया है। तखतपुर विधायक रश्मि सिंह को संसदीय सचिव बनाये जाने से उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया। वहीं संसदीय सचिवों की नियुक्ति में बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा था किंतु राज्य सरकार ने सूची जारी कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय के हाथ से संसदीय सचिव की कुर्सी खिसक गई। उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई। मुख्यमंत्री निवास में संसदीय सचिवों की नियुक्ति समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 विधायकों को संसदीय सचिवों को पद की शपथ दिलाई और सभी के कार्यों का विभाजन किया। विधायक द्वारिकाधीश यादव, विनोद चंद्राकर, चंद्रदेव साय, सुश्री शंकुतला साहू, विकास उपाध्याय, अंबिका सिंहदेव, चिंतामणी महराज, यूडी मिंज, पारसनाथ राजवाड़े, इंदरशाह मंडावी, कुंवरसिंह निषाद, गुरुदयाल सिंह बंजारे, डॉ. रश्मि आशीष सिंह, शिशुपाल सोरी, रेखचंद जैन को संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। सभी संसदीय सचिवों को कैबिनेट मंत्रियों के साथ अटैच किया गया है ताकि सरकारी योजनाओं का जनता को सीधा लाभ मिल सके। तखतपुर विधायक डॉ. रश्मि आशीष सिंह को केबिनेट मंत्री अनिला भेडिय़ा के साथ अटैच किया गया है वे महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण विभाग की योजनाओं पर काम करेंगी। रश्मि सिंह की नियुक्ति से जिले के कांग्रेसियों में हर्ष का माहौल है। तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों का रश्मि सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा सौंपे गए दायित्वों पर जिम्मेदारी पूर्वक काम करेंगी। बताया जा रहा है कि बिलासपुर जिले से कांग्रेस के दो विधायक ही चुनकर आये थे। इसलिये बिलासपुर विधायक और तखतपुर विधायक दोनों संसदीय सचिव पद की राह में थे, लेकिन राज्य सरकार ने रश्मि सिंह पर भरोसा जताया है। विधायक शैलेष पाण्डेय को संसदीय सचिव नहीं बनाये जाने से उनके समर्थकों में मायूसी छाई रही। रश्मि सिंह ने संसदीय सचिव की कुर्सी पाने में बाजी मार ली है। बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय को एक बार फिर से झुनझुना थमा दिया गया है।

बिलासपुर को नहीं दी गई प्राथमिकता
भाजपा शासनकाल में अमर अग्रवाल चार बार विधानसभा चुनाव में विजय पाने में सफल रहे। उन्हें तीन बार मंत्री बनाया गया। कांग्रेस शासनकाल में लोगों को उम्मीद थी कि बिलासपुर के विकास के लिए विधायक शैलेष पाण्डेय को बड़ा दायित्व मिले, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। संसदीय सचिव की कुर्सी भी बिलासपुर विधायक के हाथ से खिसक गई। लोगों में खासकर यह चर्चा रही कि तखतपुर विधायक रश्मि सिंह भी पहली बार विधायक चुनकर आई. इसी तरह विधायक शैलेष पाण्डेय ने भाजपा शासनकाल में सबसे लंबे समय तक राज करने वाले मंत्री को हराया है. इसके बाद भी उन्हें संसदीय सचिव का दायित्व नहीं सौंपा जाना समझ से परे है।

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