तीन राज्यों में मुर्गियों में मिला वायरस, जानें लक्षण और बचाव के उपाय
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच बर्ड फ्लू (Bird Flu) का खतरा भी मंडरा रहा है. केंद्र सरकार ने तीन और राज्यों में मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि की है. अब तक कुल 10 राज्यों में पक्षियों में बर्ड फ्लू मिलने की पुष्टि हुई है. केंद्र सरकार ने जिन तीन और राज्यों बर्ड फ्लू की पुष्टि की है उनमें महाराष्ट्र (Maharashtra, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का नाम है.
अब तक 10 राज्यों में मिला बर्ड फ्लू
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे (कल्याण), यवतमाल (धुनकी, पुसाड), वर्धा (चकनी, हिंगाघाट), गोंदिया (निंबा, गोरेगांव), अहमदनगर (भूमिरचव्हाण) और हिंगोली (पिंपरी खुर्द), वहीं, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (गैरतगंज) जिले और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा जिले में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि हुई है. इससे पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव जिले के हधा, सिकंदरपुर और करन में पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में पक्षियों में बर्ड फ्लू मिला है.
बर्ड फ्लू के कारण और बचाव
बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक टीम का गठन किया है. यह टीम देशभर के प्रभावित इलाकों की निगरानी करेगी. केंद्र की यह टीम प्रभावित राज्यों का दौरा भी कर रही है. महामारी की शुरुआत वाले राज्य महाराष्ट्र के परभणी में केंद्र की यह टीम रिसर्च करेगी. बर्ड फ्लू महामारी के कारण और बचाव पता लगाए जा रहे हैं.
इन बातों का रखें ध्यान (Bird flu Treatment)
बर्ड फ्लू से बचाव या उपचार के लिए फिलहाल कोई दवा या वैक्सीन नहीं आई है. चूंकि ये वायरस हवा से फैलने वाला है इसलिए इसका उपचार भी एंटी वायरस ड्रग्स से हो सकता है. अमूमन इसके लिए एनफ्लुएंजा वैक्सीन का इस्तेमाल होता है. सबसे अहम बात यह है कि जिस तरह कोविड-19 (Covid-19) से बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंस जरूरी है ठीक उसी तरह बर्ड फ्लू से बचाव के लिए भी इन नियमों का पालन करें.
बर्ड फ्लू के लक्षण
ये वायरस शरीर में घुसने से विकसित होने में 2 से 8 दिन का वक्त लेता है. बर्ड फ्लू से संक्रमित होने पर आमतौर पर सबसे पहले सूखी खांसी होती है. गले में खरास होती है. तेज बुखार, जुकाम, नाक बहना, हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में दर्द इसके आम लक्षण हैं.