दिल्ली दंगे पर इमरान की ना’पाक’ साजिश, पाकिस्तान की फिक्र छोड़ कर रहे ऐसी हरकत
नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) को लेकर पाकिस्तान बार-बार नापाक चाल चल रहा है. दिल्ली दंगे पर सबसे पहले पाकिस्तान ने OIC में भारत विरोधी दुष्प्रचार किया. इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई का दिल्ली दंगों पर बयान आया. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (Imran Khan) ने उन्हें शुक्रिया कहा. खामनेई के साथ-साथ इमरान ने टर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन को भी दिल्ली हिंसा पर नापाक आवाज उठाने के लिए शुक्रिया कहा. शनिवार को एक बार फिर इमरान ने दिल्ली दंगे के नाम पर मुसलमानों को भड़काने की हरकत की है.
दुनिया के ये तीन नेता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, टर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयब एर्दोगन और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनेई भारत के खिलाफ मुस्लिम एजेंडा चलाने के लिए एकजुट हो गए हैं. सबसे पहले बात इमरान खान की. कश्मीर पर मिली हार के बाद बौखलाए इमरान खान दिल्ली हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीयकरण समुदाय से गुहार लगा रहे हैं. इमरान खान न सिर्फ मुस्लिम देशों को उकसाने का काम कर रहे हैं बल्कि वो दुनिया को ये भी बताने की साजिश कर रहे हैं कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं.
इमरान ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी देना जारी रखता हूं कि मोदी की हिंदू विचारधारा सभी अल्पसंख्यकों को निशाना बनाएगी. इस समय प्राइम टारगेट कश्मीर सहित भारत के मुसलमान हैं. अगर इस कट्टर विचारधारा पर रोक नहीं लगाई गई तो ये भारत के दलित सहित सभी समुदायों को निशाना बनाएगी.’
ये पहली बार नहीं जब इमरान खान ने दिल्ली दंगे पर प्रोपेगेंडा करने की कोशिश की हो. इससे पहले भी इमरान खान ने दिल्ली हिंसा और भारतीय मुसलमानों और कश्मीर का मुद्दा उठाने पर ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खामनेई और तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयब एर्दोगन की प्रशंसा की थी. खामनेई ने दिल्ली हिंसा को धर्म विशेष से जोड़कर रोटी सेंकी थी.
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने OIC यानी Organisation of Islamic Cooperation के सेक्रेटरी जनरल से मुलाकात के दौरान दिल्ली हिंसा पर रोना रोया था. उन्होंने कहा पिछले चंद दिनों में दिल्ली में हुआ एक एहतेजाज और उस एहतेजाज की नजर 47 लोग हुए. बेपनाह लोग हैं जो जख्मी हुए हैं, अस्पतालों में हैं बहुत सारे लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है मस्जिद को जलाया गया है.
पूर्व राजनयिक अशोक सज्जनहार ने इस मामले पर ज़ी न्यूज से बातचीत में कहा कि भारतीय मुस्लिमों की बात करने से पहले पाकिस्तान ने अपने देश में अल्पसंख्यकों पर चुप्पी क्यों साध रखी है. कुरैशी की इस नापाक कोशिश के बाद सवाल ये है कि पाकिस्तान ने लगे हाथ दुनिया को ये क्यों नहीं बताया कि उसके मुल्क में अल्पसंख्यकों पर जुल्म कितना है?
उन्होंने कहा कि जाहिर है ये कड़वा सच पाकिस्तान कभी नहीं कबूलेगा, क्योंकि इससे उसकी पोल खुलेगी. लेकिन यहां मसला पाकिस्तान का नहीं है. ईरान के भारत विरोधी रुख की पड़ताल करना भी जरूरी है. ईरान ने पिछले कुछ दिनों में लगातार दूसरी बार दिल्ली हिंसा पर बयान दिया है. इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री के बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी. ईरान का ये खेल समझने के लिए आपको नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम को याद करना जरूरी है.
फरवरी में अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भारत आए थे. भारत में उनका जोरदार स्वागत किया गया. ईरान बस इसी बात से चिढ़ा है. क्योंकि ईरान को भारत की अमेरिका से गहरी दोस्ती पच नहीं रही है. इसीलिए ईरान भी टर्की और पाकिस्तान के साथ मिलकर सुर में सुर मिलाने लगा है.
पूर्व राजनयिक अशोक सज्जनहार ने कहा कि लेकिन ये बात तीनों मुल्क ठीक से समझ लें कि भारत अपने दुश्मनों का पक्का हिसाब रखता है, और वक्त आने पर हर वैश्विक मंच से मुंहतोड़ जवाब भी देता है.