नए ज़माने की जंग के लिए सेना की तैयारी, 2020 में तैनात हो जाएंगे 13 इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स

नई दिल्ली. भारतीय सेना अब नई रणनीति के तहत बड़ी फॉर्मेशन के बजाए छोटी फॉर्मेशन बनाने पर ज्यादा ज़ोर देगी. 2020 के अंत तक भारतीय सेना की 13 आईबीजी यानि इंटीग्रेटेड बेटल ग्रुप्स (इंटीग्रेटेड बेटल ग्रुप्स (Integrated Battle Groups)) तैयार हो जाएंगे. इनमें से 4 को पाकिस्तान की सीमा पर और बाकी 9 को चीन की सीमा पर लगाया जाएगा. आईबीजी सेना की किसी डिवीज़न से छोटी लेकिन एक ब्रिगेड से बड़ी होंगी. इंटीग्रेटेड बेटल ग्रुप्स (Integrated Battle Groups) सेनाप्रमुख जनरल बिपिन रावत की उस योजना का हिस्सा हैं जिसमें सेना का पुर्नगठन किया जा रहा है.

ये माना जाता है कि अब युद्ध बहुत तेज़ रफ्तार से तय लक्ष्य हासिल करने के लिए लड़े जाएंगे. इस युद्धों की अवधि भी बहुत कम होगी क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय दबाव ज्यादा देर तक युद्ध चलने नहीं देगा. अभी भारतीय सेना कोर, डिवीज़न और ब्रिगेड में बांटी जाती है.

ब्रिगेड में तीन बटालियन, डिवीज़न में तीन ब्रिगेड और कोर में आमतौर पर तीन डिवीज़न होती है. ” दुश्मन के इलाक़े में ज्यादा अंदर तक जाने के लिए कोर की ज़रूरत होती है लेकिन ज्यादा अंदर जाने के बजाए कम अंदर लेकिन बड़ा इलाक़ा कब्ज़ा करना ज्यादा बेहतर है. इनके लिए  इंटीग्रेटेड बेटल ग्रुप्स (Integrated Battle Groups) जैसी फॉर्मेशन ज्यादा कारगर हैं, ” सेना के एक उच्चाधिकारी ने बताया. 

एक इंटीग्रेटेड बेटल ग्रुप्स (Integrated Battle Groups) में चार से छह इंफेंट्री बटालियन होंगी और ज़रूरत के मुताबिक इंजीनियर्स, आर्टिलरी और सिग्नल के दस्ते होंगे. पश्चिमी सीमा पर अभी जम्मू में दो आईबीजी तैयार हो चुके हैं. इसके बाद बनने वाले आईबीजी पंजाब में तैनात किए जाएंगे. 5 आईबीजी चीन के साथ लगती सिक्किम की सीमा पर तैनात किए जाएंगे और 4 को उत्तर-पूर्व में चीन से लगने वाली दूसरी सीमा पर लगाया जाएगा. 

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