नवाजुद्दीन सिद्दीकी, ऋषि कपूर के बाद फराह खान अली ने भी तबलीगी जमात पर निकाला गुस्सा
नई दिल्ली. दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज़ में धार्मिक सभा के आयोजकों पर बॉलीवुड में भी नराजगी देखने को मिल रही है. देश भर के कई राज्यों के मस्जिदों में विदेशी नागरिकों के ठहरने और उसकी सूचना प्रशासन को नहीं देने को लेकर देश भर में लोग सोशल मीडिया के जरिये नाराजगी बयां कर रहे हैं. उधर, बॉलीवुड सेलेब्स ने भी तबलीगी जमात को खुद के साथ अन्य लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाला कदम बताया है. देश भर में तेजी से कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि बॉलीवुड से एक्टर संजय खान की बेटी डिजाइनर फराह अली खान ने खुल कर तबलीगी जमात पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. जबकि घटना का उल्लेख किए बिना अपने गुस्से को ट्वीट किया है.
बॉलीवुड के सीनियर एक्टर ऋषि कपूर ने अपने ट्वीटर हैंडल पर दिल्ली के तबलीगी जमात की घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. कुछ दिन पहले भी अभिनेता ने ट्विटर पर जोर देकर कहा था कि भारत को इस समय में आपातकाल लागू करने की आवश्यकता है. तबलीगी जमात की घटना के बाद ऋषि कपूर ने नए ट्वीट में अपने स्टैंड को दोहराते हुए लिखा, “आज ये हुआ, कल क्या-क्या होना है? इसीलिए मैंने कहा कि हमें सेना की जरूरत है. आपातकाल.”
वहीं फराह ने भी ट्विटर पर अपनी राय साझा की और लिखा, “इस समय सभा आयोजित कर तबलीगी जमात ने बहुत गैरजिम्मेदाराना बात की है. यह धार्मिक मुद्दा नहीं है, लेकिन यह सामाजिक गैरजिम्मेदारी है और किसी भी धर्म के नाम पर सभाएं नहीं होनी चाहिए. महामारी के समय ऐसे धार्मिक या राजनीतिक सभाओं को किसी भी प्रमुख द्वारा प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए. ”
इस संबंध में बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “जब सरकार ने लॉकडाउन का आह्वान किया है तो इसका मतलब है कि लॉकडाउन है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं या आप किस धर्म से हैं. सरकार द्वारा निर्धारित लॉकडाउन नियमों का पालन नहीं करके आप न केवल अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं, बल्कि कई अन्य का जीवन भी खतरे में डाल रहे हैं. नेटिजेंस ने इस पर कई कमेंट किए और सारे ही कमेंट दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से जुड़े थे.