नौ बजे नौ मिनट: पटाखे जलाने को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने यूं जताई नाराजगी


नई दिल्ली. प्रधानमंत्री के ‘नौ बजे नौ मिनट’ के आह्वान का पालन करते हुए लोगों ने अपने घरों में दीये जलाए. जहां कुछ लोगों ने दीये के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की तो वहीं कुछ लोगों ने इस अवसर पर पटाखे जलाने वालों की आलोचना की.

कई केंद्रीय मंत्रियों और जानी मानी हस्तियों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मोमबत्तियां जलाते हुए वीडियो क्लिप और खुद की तस्वीरें साझा की. हालांकि पटाखे जलाने का पर नाराजगी जताते हुए कई लोगों ने अपने विचार रखे.

सोशल मीडिया यूजर्स रात नौ बजते ही पटाखे फोड़ने और नारे लगाने वाले लोगों की वीडियो क्लिप और तस्वीरें साझा करने लगे. अरुण कुमार ने ट्विटर पर पटाखे जलाने वालों की चुटकी लेते हुए लिखा, “कोरोना वायरस के देश में आगमन की खुशी मनाते हुए देशवासी. बहुत अच्छे.’’

दिव्यांगों के अधिकार के लिए काम करने वाले निपुण मल्होत्रा ​​ने लोगों से पटाखे न फोड़ने का आग्रह किया और उन्हें याद दिलाया कि यह कोई खुशी का मौका नहीं है. उन्होंने लिखा, ‘‘दीया जलाओ, एकजुट रहो, लेकिन पटाखे? सच में? यह कोई पार्टी नहीं है!’’

कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट से निपटने में राष्ट्र के ‘सामूहिक संकल्प और एकजुटता’ को प्रदर्शित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर ‘रविवार रात नौ बजे नौ मिनट तक’ करोड़ों देशवासियों ने अपने घर की लाइट बुझाकर दीये जलाए. मोमबत्ती मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाई.

मोदी ने ‘लॉकडाउन’ के दौरान इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लोगों को एकजुट करने की कोशिश की. लॉकडाउन से ठीक पहले 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ के दौरान भी लोगों ने प्रधानमंत्री की अपील पर ताली, थाली, और घंटी आदि बजाकर कोरोना वायरस संकट का मुकाबला कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाया था.

प्रधानमंत्री मोदी ने दीप प्रज्ज्वलित करके पूरे विश्व के स्वास्थ्य के लिये प्रार्थना की. उन्होंने ट्वीट करके लिखा—शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं….

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