पशु चारा के लिए पैरा दान करें किसान, पैरे को जलाने से होता है पर्यावरण प्रदूषित : कलेक्टर

बिलासपुर. इस वर्ष 2019 का खरीफ फसल पककर तैयार है। अब धान कटाई का कार्य प्रारंभ होगा। इस दौरान पशुओं के चारा के लिये गांवों में मुनादी कराकर पैरा दान हेतु किसानों से आग्रह करें। इसके साथ ही धान कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेष पैरे को जलाने से किसानों को रोका जाये। कुछ जगहों पर असामाजिक तत्वों द्वारा बीमार और आवारों पशुओं को गौठानों में ठेल दिया जाता है। जिस पर निगरानी रखना भी आपके दायित्व का एक हिस्सा है। कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग ने बिलासपुर जिले के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पत्र लिखकर इन विषयों की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए संवेदनशील जनप्रतिनिधि होने के नाते पूरी दक्षता और जिम्मेदारी के साथ जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की है। कलेक्टर ने सरपंचों से कहा है कि गौठान समिति को चारा इकट्ठा करने के लिये पंचायत निधि से जरूरत के हिसाब से राशि प्रदान कर पशुओं की देखभाल के लिये मुस्तैद रखें और उन्हंे सक्षम नेतृत्व प्रदान करंे। इसके साथ-साथ धान कटाई के बाद के फसल अवशेष नरई को जलाने की जगह उसे खाद बनाने के लिये कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना से किसानों अवगत करायें और उसका लाभ उठाने के लिये प्रेरित करें। पैरे को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। ऐसा करने पर छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत स्वच्छता सफाई एवं न्यूसेंस का निराकरण तथा उपसमन नियम 1999 के तहत कार्यवाही की जा सकती है।
सरपंचों को दीपावली पर्व की शुभकामना देते हुए कलेक्टर ने कहा है कि उनकी ग्राम विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बात का विशेष ध्यान रखते हुए सजगता से और बेहतर कार्य शैली का परिचय दें। जिससे गौ-सेवा जैसे पुनीत कार्य के प्रति ग्राम, समाज को और भी जागरूक और समृद्ध बनाया जा सके।

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