पहली बार सुशांत के परिवार के सदस्य से ED की पूछताछ, बहन ने दर्ज कराया बयान
मुंबई. दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन मीतू सिंह मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं, जिसमें उनके भाई की मौत के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के रूप में उनका बयान दर्ज किया गया. यह पहली बार है कि सुशांत का कोई परिजन ईडी की जांच में शामिल हुआ है. मीतू मुंबई में रहती हैं और परिवार की एकमात्र सदस्य थीं जो 14 जून को अभिनेता की मौत के दिन बांद्रा वाले फ्लैट में पहुंची थीं.
बिहार पुलिस की प्राथमिकी में उनके परिवार द्वारा उठाए गए वित्तीय पहलू की जांच की कमान 31 जुलाई को ईडी ने अपने हाथों में ली थी.
ईडी अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी मीतू सिंह से उनके भाई की आर्थिक स्थिति के बारे में, कैसे उनके खाते में पैसे तेजी से घटते गए और सुशांत के खाते से लेनदेन, इन सबके बारे में पूछताछ करेगी.
ईडी रिया और सुशांत के साथ उनके परिवार के सदस्यों के संबंध के बारे में भी पूछेगी. ईडी सुशांत के फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्योरा चाहती है.
सुशांत के पिता और उनकी एक अन्य बहन रानी सिंह के बयानों को सीबीआई द्वारा फरीदाबाद और दिल्ली में दर्ज करने के एक दिन बाद मीतू ईडी के सामने पेश हुई हैं.
सुशांत मामले में बिहार पुलिस ने मुंबई की जांच को दिखावा कहा
बिहार पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की जांच को दिखावा करार दिया और दावा किया कि मुंबई में पुलिस ‘राजनीतिक दबाव में तथ्यों को छिपा रही है.’
बिहार सरकार के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया, “मुंबई पुलिस 25 जून को पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद आकस्मिक मौत की रिपोर्ट के आधार पर राजपूत की मौत की जांच नहीं कर सकती थी.”
वकील ने कहा, “मुंबई पुलिस पिछले 50 दिनों से किस तरह की जांच कर रही है? जांच रिपोर्ट की प्रक्रिया खत्म नहीं हो सकती और सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल मुंबई में कुछ भी लंबित नहीं है.”
जस्टिस ऋषिकेश रॉय के समक्ष महाराष्ट्र सरकार की पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील ए.एम. सिंघवी ने कहा, “हर रिपोर्टर, एंकर और वकील एक तरह से जज, जूरी, जल्लाद बन गए हैं. मुझे नहीं पता कि उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या, लेकिन मैं कह सकता हूं कि सीआरपीसी की हत्या का प्रयास यहां किया जा रहा है.”