पाकिस्तान का अफगानिस्तान से ऐतिहासिक संबंध, 30 लाख अफगान शरणार्थियों को दी शरण : कुरैशी

इस्लामाबादपाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और समृद्धि के लिए एक सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान के लक्ष्य को प्राप्त करने की जरूरत पर जोर दिया है. विदेश कार्यालय (एफओ) ने यहां एक बयान में यह बात कही.

सोमवार को इस्तांबुल में ‘हार्ट ऑफ एशिया-इस्तांबुल प्रोसेस’ की आठवीं मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कुरैशी ने कहा कि कोई भी अन्य देश अफगानिस्तान (Afghanistan) के साथ अधिक ऐतिहासिक संबंध होने का दावा नहीं कर सकता है और न ही कोई देश वहां पाकिस्तान की तुलना में शांति और स्थिरता के लिए अधिक इच्छुक है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले चार दशकों से 30 लाख से अधिक अफगान शरणार्थियों को शरण देना जारी रखा है और पड़ोसी देश के विकास और पुनर्निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसमें विकास सहायता में एक अरब डॉलर से अधिक की रकम शामिल है. कुरैशी ने दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत ढांचे के रूप में अफगानिस्तान-पाकिस्तान एक्शन प्लान फॉर पीस एंड सॉलिडैरिटी (एपीएपीपीएस) के महत्व को रेखांकित किया.

अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में हाल ही में शांति और स्थिरता प्राप्त करने के लिए प्रयासों को फिर से शुरू करना एक सकारात्मक विकास है. उन्होंने शांति प्रक्रिया को ‘समावेशी अंतर-अफगान वार्ता’ के रूप में देखने के लिए पाकिस्तान की इच्छा व्यक्त की.

अपने संबोधन के बाद, कुरैशी ने बैठक से इतर दक्षिण एशिया मामलों की अमेरिकी (America) कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स से भी बातचीत की. विदेश कार्यालय के अनुसार, बातचीत के दौरान, पाकिस्तान-अफगानिस्तान द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई.

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