पीएम मोदी बोले- मैं PM कुर्सी के लिए नहीं, देश के लिए जीता हूं

रेवाड़ी. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections 2019) प्रचार का शनिवार को आखिरी दिन है. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रेवाड़ी ने रैली में जनसभा को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा मैं पीएम कुर्सी के लिए जिंदगी नहीं जीता हूं दोस्तों, मैं जीता हूं देश के लिए. मैं जीता हूं आपके लिए. 

पीएम मोदी ने आगे कहा, “15 सितम्बर 2013 याद है, क्या हुआ उस दिन? भूल गए? 13 सितंबर को बीजेपी ने मुझे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था और 2 दिन बाद मेरा पहला सार्वजानिक कार्यक्रम इस वीरों की धरती पर हुआ था और एक्स सर्विसमैन की रैली थी और इसी रेवाड़ी, वीर की धरती से मेरा आरंभ हुआ था और मैंने आपके आशीर्वाद से यात्रा शुरू की थी, वो बाजरे की रोटी और छाछ की ताकत थी कि आज तक कभी पीछे मुड़कर देख नहीं है और उसी की ताकत ने मां भारती के बेटों ने मुझे फलक पर बिठा दिया था. 

पीएम मोदी ने आगे कहा, “बीते 5 वर्षों में अगर देश को कुछ दे पाया हूं तो उसमें इस रेवाड़ी का अहम स्थान है. 6 साल पहले का वो संकल्प में देश और हरयाणा को याद दिलाना चाहता हूं. बाल की खाल निकलने वाले भी मेरा वो भाषण इंटरनेट पर देख सकते हैं. उस समय तो मैं मुख्यमंत्री था और देश भर का मीडिया यहां आकर खड़ा हो गया था कि गुजरात का ये आदमी क्या कहेगा. मैंने कहा था कि देश को सक्षम और समर्थ सर्कार दूंगा. आज आप बताइए कि मैंने अपना वादा निभाया की नहीं. मैंने कहा था कि भारत में ऐसी सरकार होनी चाहिए जो दुनिया से आंख से आंख मिलाकर बात करे. ये हुआ कि नहीं?” 

जनसभा को संबोधित कहते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैंने कहा था कि आतंकवाद से निपटने के लिए सशक्त सेना और देश बनाना जरूरी है. आज भारत मजबूत नजर आता है कि नहीं. आज आतंकियों को घर में घुसकर मारा जाता है. आज आतंक को पोसने वाले दुनिया में जा के आंसू बहते हैं. कल हमें डराते हैं. आज खुद डर गए. हमारे सेना के जवानों को, हमारे अर्ध सैनिक बलों को, ढंग के कपड़े-जूते तक नहीं मिलते थे, बुलेट प्रूफ जैकेट और आधुनिक राइफल तक की कमी थी. सरकार में आने के बाद हमने सेनाओं के सशक्तिकरण का बड़ा अभियान शुरू किया. आज आधुनिक पनडुब्बियों से लेकर राफेल जैसा आधुनिक लड़ाकू विमान और आधुनिक हेलीकॉप्टर तक हमारी सेना का हिस्सा हो चुके हैं.”      

उन्होंने आगे कहा, “भारत की शान, लड़ाकू विमान तेजस को पहले की सरकार डिब्बे में बंद करने जा रही थी. आज वही विमान वायुसेना और नौसेना में सेवा देने के लिए तैयार है. आधुनिक बुलेट प्रूफ जैकेट का हमने निर्माण किया, सैनिकों तक पहुंचाया और इतना ही नहीं अब विदेशों में हम निर्यात करने लगे हैं. 40 साल से जिसकी मांग हो रही थी वो ‘वन रैंक, वन पेंशन’ हमने लागू किया. पूरे हरयाणा से 2 लाख सैनिक परिवारों को 900 करोड़ का एरियर मिला है. देश के शहीदों पर मर मिटने वालो के लिए राष्ट्रिय स्मारक नहीं था आज़ादी के बाद देश के लिए मर मिटने वालों का इतना सा कर्ज नहीं चूका पाए थे. नेशनल वॉर मेमोरियल, दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं होगा जो शहीदों के सम्मान में कोताही करता हो, आज देश की राजधानी में शान से खड़ा है.” 

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