पुलिस की छवि खराब करने में लगें जंसा थानाध्यक्ष,निर्दोष ग्रामीण पर दर्ज किया मुकदमा

बनारस.जंसा थानाध्यक्ष लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद कम उन पर जुल्म अधिक कर रहा है।जिससे पुलिस की छवि खराब हो रही है।वही इस पुलिस कर्मी के रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।लॉक डाउन में बाहर राज्यों से आने वाले लोगों की जानकारी देना ग्रामीणों को भारी पड़ रहा है।जंसा थानाध्यक्ष जानकारी देने वालों से अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।वही उन्ही पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दे रहे है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एक ग्रामीण ने बाहर से आने वाले व्यक्ति की जानकारी जंसा थानाध्यक्ष को दी।तो उल्टे उसके ही खिलाफ उन्होंने झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।जिससे ग्रामीणों में बहुत नाराजगी है।
थाना प्रभारी  परिजनों को मानसिक प्रताड़ना दे रहे
अनुज सिंह के परिजनों को थाना प्रभारी द्वारा तंग किया जा रहा है।थानाध्यक्ष बार बार अनुज के घर जा रहे है।जहां उसके परिजनों को मानसिक प्रताड़ना हो रही है। मालूम हो कि मुंबई से लौटे तीन व्यक्ति जो कि  हाथी बाजार से होते हुए सेवापुरी जा रहे थे।जिन्हें ग्रामीणों ने रोककर पूछताछ की तो उन्होंने मुंबई से आना बताया। जिस पर ग्राम के एक व्यक्ति ने जंसा थानाध्यक्ष को सूचना दी कि कुछ लोग मुंबई से गांव पहुँचे है। जिन्हें ग्रामीणों ने रोक रखा है।इनकी स्वास्थ्य की जांच करा देते।लेकिन जिस व्यक्ति ने यह सूचना थानाध्यक्ष को दी तो उन्होंने उस व्यक्ति से  अभद्र भाषा का प्रयोग कर कहा कि उन्हें जाने दे। वह जहा जा रहे है,और उल्टे मुकदमा दर्ज कराने की धमकी तक दे डाली। जिसके बाद ग्रामीण अड़ गये और बिना जांच कराए छोड़े जाने की बात पर अड़े रहे। थाना प्रभारी व नागरिक के बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जिसमे थाना प्रभारी महोदय अभद्र भाषा बोलते हुए सुनाई दे रहे हैं। जंसा थानाध्यक्ष द्वारा ग्रामीण से अभद्र भाषा का प्रयोग किये जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है।ग्रामीणों का कहना है कि पूरे देश मे कोरोना महामारी का कहर है जहां लोग एक दूसरे की मदद कर रहे है। वही पुलिस भी इस महामारी में आमजन की मदद कर सेवा भाव से अपनी ड्यूटी कर रही है। लेकिन कुछ पुलिस कर्मियों के वजह से सारे विभाग को शर्मिदा होना पड़ता है। जंसा थानाध्यक्ष के बिगड़े बोल से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
  कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते केस को देखते हुए जिले में 3 मई तक धारा144 लागू कर दिया गया है। इस दौरान ना तो किसी को बाहर जाने की अनुमति है ना ही बिना चेकअप कराये वाराणसी में आने की। प्रसाशन द्वारा इतनी सख्ती होने के बाद भी जिला में जंसा थाना प्रभारी और एक स्थानीय नागरिक के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में स्थानीय नागरिक जंसा थाना प्रभारी को मुंबई से लौटे कुछ लोगों के बारे में सूचना दे रहा है। ऑडियो में स्थानीय नागरिक थाना प्रभारी को बता रहा है कि मुंबई से पैदल आये तीन लोग हाथी बाजार से होकर सेवापुरी की तरफ जा रहे थे। थाना प्रभारी को फोन करने वाला नागरिक मुंबई से आये लोगो की सूचना देने के बाद इन लोगों को रोकने और उनका चेकअप कराने की बात कही,जिसके बाद जंसा थाना प्रभारी ने उन्हें बिना चेकअप के ही छोड़ देने को कहा और स्थानीय नागरिक से अभद्र भाषा मे बात करते हुए उसके ऊपर ही एफआईआर करने की धमकी देने लगे। जिस पर स्थानीय नागरिक अड़ गए और बिना एम्बुलेंस एवं जांच के नागरिकों को छोड़ने से मना कर दिया।
लॉक डाउन में जंसा थानाअध्यक्ष का दूसरा ऑडियो हुआ वायरल
प्रसाशन द्वारा बार बार कहा जा रहा है कि जो भी व्यक्ति बाहर से आये तो उसकी सूचना तुरंत थाने पर दिया जाए।और सूचना देने वाले का नाम और पता गोपनीय रखा जायेगा।लेकिन यह जंसा थानाध्यक्ष इन सब मंसूबों पर पानी फेर रहे है।जो भी व्यक्ति बाहर से आये हुए व्यक्तियों की सूचना दे रहा है।तो उसे ही भारी पड़ जा रहा है।और उसे तोहफे के रूप में कई धाराओं में मुकदमा के रूप में बड़ा सा तोहफा थमा दिया जा रहा है।आखिरकार जंसा पुलिस की इन सब हरकतों पर प्रशासनिक अधिकारियों की कब नजर जायेगी।
लॉक डाउन में जंसा थानाध्यक्ष रामाशीष सूचना पर नही करते हैं कार्रवाई, 
सुने थानाध्यक्ष जंसा व जंसा कस्बे के एक ग्रामीण के बीच हुई बातचीत की ऑडियो।इसके पूर्व भी जंसा थाना क्षेत्र के पट्टी गांव निवासी अनुज सिंह व थानाध्यक्ष के बीच बातचीत की ऑडियो वायरल हो चुकी है।जिसमे थानाध्यक्ष ने अनुज सिंह के ही खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया है।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!