February 5, 2021
फेफड़ों को रखना हो हेल्दी, तो खाइए थाइम, गिलोय, हल्दी और मुलेठी
कुछ हर्ब्स और मसालों के सेवन से हम अपने फेफड़ों को श्वसन संबंधी बीमारियों जैसे अस्थमा, निमोनिया, टीबी, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का कैंसर आदि से बचाकर स्वस्थ रखने में कामयाब हो सकते हैं।
फेफड़े यानी लंग्स, मानव शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं, खासकर कोविड-19 महामारी के वायरल संक्रमण से प्रभावित होने वाले मुख्य अंगों में फेफड़े सबसे ज्यादा प्रभावित अंग हैं। वास्तव में, न केवल कोविड-19, बल्कि ज्यादातर संक्रमण के कारण वायरस फेफड़ों को ही सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं और श्वसन संक्रमण का कारण बनते हैं। अन्य हेल्थ प्रॉबलम्स, जो आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करती हैं, उनमें फेफड़े का कैंसर शामिल है, जो दुनिया भर में कैंसर प्रभावित लोगों में पाये जानेवाले सबसे आम कैंसर में से एक है।
हालांकि, इसके अलावा भी फेफड़ों को ऐसे कई घातक संक्रमणों और विकारों का खतरा हो सकता है, जिसके लिए उन्हें हेल्दी डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज के जरिये स्वस्थ रखा जा सकता है। एक बैलेंस्ड डाइट जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन ए, ई, डी, सी, और मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स शामिल होते हैं, फेफड़ों को स्वस्थ रखकर उन्हें सुचारु रूप से कार्य करने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही, प्रतिदिन एक्सरसाइज करने से भी यह बेनिफिट मिलता है कि आपके फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ाने में और उनके स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। यहां कुछ हर्ब्स और मसालों के बारे में हम आपको बता रहे हैं, जो फेफड़े को स्वस्थ रखने के साथ -साथ इनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में भी हेल्पफुल हैं।
आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने वाले 5 हर्ब्स और मसाले
थाइम
थाइम एक ग्रीन हर्ब है, जिसका उपयोग दुनिया भर के व्यंजनों में किया जाता है।थाइम में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, जैसे – एपिगेनिन और ल्यूटोलिन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। ये एंटीऑक्सिडेंट आपकेशरीर को सूजन से लड़ने में मदद करते हैं। यह जड़ी बूटी आपकी श्वसन नली को राहत देने के साथ साथ फेफड़ों को साफ रखने में भी मदद करती है।
हल्दी
भारतीय रसोई में उपयोग किए जाने वाले मसालों में हल्दी एक प्रमुख मसाला है, जिससे मिलने वाले हेल्थ बेनिफिट्स कमाल के होते हैं।हल्दी अपने एंटी इंफ्लामेटरी और एंटी-सेप्टिक गुणों के लिए लोकप्रिय है। हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट सूजन को कम करने और श्वसन नली को साफ रखकर सांस लेने-निकालने को सुगम बनाने में मदद करते हैं। हल्दी एक नेचुरल एंटी-वायरल भी है, जो फेफड़ों को प्रभावित करनेवाले वायरल संक्रमणों को दूर रखने में मदद करता है, जिसके कारण शरीर स्वस्थ रहता है।
ऑरेगेनो
ऑरेगेनो हर्ब्स का इस्तेमाल इटालियन फ़ूड में किया जाता है, लेकिन अब इसे भारत में भी उपयोग किया जाने लगा है। ऑरेगेनो में पाया जानेवाला रोजामेरिनिक एसिड नामक कंपाउंड फेफड़ों के लिए बहुत अच्छा होता है। यह शरीर में सूजन पैदा करने के लिए जिम्मेदार हिस्टामाइन को कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद कैराक्रॉल, फेफड़ों में ब्लड के एक जगह होनेवाले जमाव को दूर करके ब्लड सर्कुलेशन में मदद करता है। ऑरेगेनो में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो इंफेक्शन और बीमारी का कारण बननेवाले जीवाणु, वायरस या अन्य सूक्ष्मजीव को दूर रखने में मदद करता है।
मुलेठी
मुलेठी हर भारतीय घर में घरेलू उपचारों में प्रयोग किया जानेवाला सबसे कॉमन हर्ब है। इसका उपयोग श्वसन संबंधी समस्याओं, सर्दी और खांसी को दूर करने के लिए किया जाता है। मुलेठी में मौजूद कंपाउंड फेफड़ों में जमा होनेवाले बलगम को निकालने में मदद करके फेफड़ों को स्वस्थ रखते हैं।
गिलोय
कोविड-19 महामारी के दौरान इसके घातक वायरस से पूरे शरीर को और फेफड़ों को बचाने के लिए गिलोय का सेवन करना बहुत प्रचलित हो गया था। गिलोय में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो फेफड़ों को प्रभावित करनेवाले रोगानुवाहक विषाणुओं से निपटने में मदद करते हैं। गिलोय फेफड़ों में होनेवालेसूजन को कम करके उसे स्वस्थ रखता है।