बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने की कोशिश करने वाले आरोपी की जमानत खारिज

सागर. न्यायालय सुश्री संजना मालवीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रहली जिला सागर के न्यायालय ने आरोपी मनोज पिता घनश्याम पाल उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 19 नरयावली, जिला सागर का जमानत आवेदन निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से सहा. जिला अभियोजन अधिकारी आशीष त्रिपाठी, रहली ने शासन का पक्ष रखा। घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादिया ने थाना रहली में इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि नवरात्रि में जब फरियादिया मंदिर जाती थी तो आरोपी मनोज उसे रास्ते में मिलता था और कहता था कि मै तुमसे शादी करना चाहता हूं मेरे साथ भाग चलो। फरियादिया के मना करने पर आरोपी मनोज उसके भाई को जान से मारने की धमकी देता था। घटना दिनांक 28.10.2020 को रात्रि करीब 11ः00 बजे फरियादिया अपनी दादी के घर दवा देने जा रही थी तभी दादी के घर के सामने आरोपी मनोज पाल मिला और उसे शादी का झांसा देकर बहला फुसला कर अपने साथ जबरदस्ती ले जा रहा था, रास्ते में नदी के पुल पर सामने से फरियादिया के चाचा आ रहे थे वह चिल्लाई तो आरोपी मनोज वहां से भाग गया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत आवदेन प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया एवं महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किये। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी मनोज पाल का प्रस्तुत जमानत हेतु धारा 437 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर दिया गया।