बिना परीक्षा के एयू फर्स्ट और सेकेंड ईयर के सभी छात्रों को किया जाए पास : एनएसयूआई
बिलासपुर. देश भर में कोरोना वायरस के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। इस लॉक डाउन के चलते सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए है। ऐसे में अब लॉकडाउन के कारण छात्रों के मन में परीक्षा और पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट तनमीत छाबड़ा का कहना है कि शैक्षणिक कैलेंडर में देरी के साथ-साथ पाठ्यक्रम को सही तरीके से पूरा किए बिना ऑनलाइन परीक्षा की संभावना के कारण एक वर्ष बर्बाद होने की आशंका से छात्र चिंतित हैं। एनएसयूआई डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट तनमीत छाबड़ा का कहना है कि एनएसयूआई ने पहले ही कहा है कि बुनियादी ढांचे की कमी और कनेक्टिविटी की परेशानी के कारण ऑनलाइन परीक्षा नहीं कराई जा सकती। ऐसे में प्रथम और द्वितीय वर्ष के सभी छात्रों को परीक्षा के बिना पदोन्नत किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालयों के खुलने के बाद पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जानी चाहिए। साथ ही अंतिम वर्ष में छात्रों को 10 फीसदी अतिरिक्त अंकों के साथ पिछले प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नत किया जाना चाहिए, क्योंकि यह देखा जाता है कि छात्र अंतिम वर्ष में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हैं। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष तनमीत छाबड़ा ने पूरे मामले को लेकर कुलपति प्रोफेसर जीडी शर्मा को पत्र लिखकर छात्र हित में निर्णय करने मांग किया है।