बीजेपी में जाने की अफवाहें गलत, मैं टीएमसी के साथ : शताब्दी रॉय
कोलकाता. टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि उनकी टीएमसी छोड़ने और बीजेपी जाने की अफवाहें बिल्कुल गलत हैं. वो टीएमसी में ही हैं और इसी पार्टी में रहेंगी. शताब्दी रॉय का बयान ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से मुलाकात के बाद आया है.
अभिषेक बनर्जी से मुलाकात के बाद शताब्दी का बयान
पश्चिम बंगाल के बीरभूम से सांसद शताब्दी रॉय ने अभिषेक बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने अपनी समस्या से पार्टी को अवगत करा दिया है. फिलहाल मेरी जो समस्या है, उसे पार्टी सुलझा लेगी. उन्होंने दिल्ली जाकर बीजेपी नेताओं से मिलने की अटकलों पर कहा कि उनका दिल्ली जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है.
ममता बनर्जी जो कहेंगी, वो करूंगी: शताब्दी
टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी जहां मुझे बुलाएंगी, मैं वहीं जाऊंगी. हां, कुछ समस्याएं थी. वो दूर कर ली जाएंगी. पार्टी में सभी एकजुट हैं. मैं टीएमसी के साथ ही हूं. उन्होंने कहा कि जिस किसी को भी पार्टी से प्यार है, वो पार्टी के साथ ही रहेगा.
फेसबुक पोस्ट के जरिए जताई थी नाराजगी
शताब्दी रॉय ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया था कि उनके संसदीय क्षेत्र में चल रहे पार्टी के कार्यक्रमों के बारे में उन्हें नहीं बताया जा रहा है और इससे उन्हें ‘मानसिक पीड़ा’ पहुंची है. बीरभूम से तीन बार की सांसद रॉय ने कहा कि यदि वह कोई ‘‘फैसला’’ करती हैं तो शनिवार अपराह्न दो बजे लोगों को उसके बारे में बताएंगी. उनकी इस पोस्ट से टीएमसी में हलचल मच गई. पार्टी सूत्रों के अनुसार रॉय के बीरभूम जिला टीएमसी प्रमुख अनुव्रत मंडल से मतभेद हैं. रॉय ने अपने फैंस क्लब पेज पर फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘इस संसदीय क्षेत्र से मेरा निकट संबंध है. लेकिन हाल में कई लोग मुझसे पूछ चुके हैं कि मैं पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों से नदारद क्यों हूं. मैं उनको बताना चाहती हूं कि मैं सभी कार्यक्रमों में शरीक होना चाहती हूं लेकिन मुझे मेरे संसदीय क्षेत्र में आयोजित पार्टी कार्यक्रमों की जानकारी नहीं दी जा रही, तो मैं कैसे शरीक हो सकती हूं. इसके चलते मुझे मानसिक पीड़ा पहुंची है.’ शताब्दी रॉय ने कहा कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों के दौरान अपने परिवार से अधिक समय अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों के साथ बिताया है और इससे उनके शत्रु भी इनकार नहीं कर सकते. शताब्दी रॉय ने ये माना कि ये पोस्ट उन्हीं ने की थी. लेकिन अब समस्याएं सुलझा ली गई हैं.