बेंच गठन की मांग पर SC करेगा विचार, रिटायर हो गए थे जस्टिस लोकुर

नयी दिल्ली. मणिपुर एनकाउंटर मामले में अलग से बेंच गठित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा. इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग की गई है. याचिकाकर्ता के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने चीफ जस्टिस की बेंच से मामले को लिस्ट करने के साथ जल्द सुनवाई की मांग की है. इस मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस मदन बी लोकुर पिछले साल दिसंबर में रिटायर हो गए थे, जिसके बाद से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और सुनवाई के लिए नहीं आया है.

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई डॉयरेक्टर आलोक वर्मा कोर्ट में हुए पेश थे. सीबीआई की ओर से अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था. जस्टिस मदन बी लोकुर ने सीबीआई डॉयरेक्टर आलोक वर्मा से पूछा था कि क्या अभी तक सीबीआई ने कोई गिरफ्तारी की है?

सीबीआई डायरेक्टर ने जवाब दिया कि अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, कुछ लोगों से पूछताछ की है, केस बहुत पुराना हो चुका है, अब सीबीआई के पास उनसे बरामद करने के लिए कुछ नहीं है.

इस पर जस्टिस लोकुर (अब रिटायर) ने कहा था कि इसका मतलब ये हुआ था कि हत्यारे मणिपुर में खुलेआम घूम रहे हैं. आपकी चार्जशीट के मुताबिक आरोपी हत्यारा है. इसके बावजूद आप इन्हें इम्फाल की गलियों में बेपरवाह घूमने की इजाजत दे रहे हैं. आपकी दलीलों पर जाए तो अगर कोई किसी महिला के साथ रेप को अंजाम देता है तो आप उसे गिरफ्तार नहीं करेंगे. क्योंकि आपके पास उससे बरामद करने के लिए कुछ नहीं है.

सीबीआई डॉयरेक्टर ने कहा था कि वह जल्द इस पर फैसला लेंगे. सीबीआई के तफ्तीश पर सवाल उठाने के बाद हालांकि कोर्ट ने कहा था कि ये हम आपके विवेक पर छोड़ते हैं कि गिरफ्तारी करें या नहीं.

कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई डॉयरेक्टर आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे. उन्होनें कोर्ट को आश्वस्त किया था कि एजेंसी जल्द से जल्द जांच को पूरी कर लेंगे. सीबीआई डॉयरेक्टर ने कोर्ट को बताया था कि एजेंसी को 41 केस में जांच पूरी करनी है. 7 मामलों में अगस्त में चार्जशीट दायर हो जाएगी. बाकी 20 और मामलों में चार महीने के अंदर चार्जशीट दायर हो जाएगी. बाकी 14 मामलों में जांच जारी रहेगी. 

क्या है पूरा मामला?
मणिपुर एनकाउंटर मामले की जांच में देरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को समन जारी कर कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अलोक वर्मा को पेश होकर बताने को कहा था कि आखिरकार जांच में देरी क्यों हो रही है? सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी भी जाहिर की थी.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच आदेश दिया था और तय सीमा के भीतर जांच पूरा करने को कहा था. इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा था कि वो इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट एनएचआरसी से साझा करे. एनएचआरसी ने कहा था कि सीबीआई जो भी जांच करती है हमसे साझा नहीं करती. 



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