“भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका” पुस्तक का हुआ प्रकाशन

बिलासपुर/केशव शुक्ला. विश्व में महिलाओं की स्थिति पुरुषों की तुलना में दोयम दर्जे की है।विकासशील देशों में भी महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है क्योंकि उन देशों में भी महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आंदोलनरत हैं। राजनीति का क्षेत्र ऐसा क्षेत्र माना जाता है जहां से सम्पूर्ण समाज को मार्गदर्शन तथा नियमन प्राप्त होता है।राजनीति शक्ति के बलबूते निर्णयों को क्रियान्वित करने में सक्षम होती है। इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए यह अपेक्षा की जा सकती है कि राजनीति में महिलाओं की सक्रियता कितनी आवश्यक और महत्वपूर्ण है?यह विचार अपनी पुस्तक की भूमिका में भूमिका में डॉ.श्रीमती सुनीता यादव ने व्यक्त किया है। उनकी शोध पुस्तक ” भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका ” प्रकाशित हुई है।माताश्री सावित्री देवी यादव और पिताश्री डॉ. कालीचरण यादव को समर्पित यह पुस्तक पांच शीर्षकों में विश्लेषित है।इनमें राजनीतिक भूमिका की अवधारणाओं का विकासात्मक अध्ययन,भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका,राजनीति में महिलाओं की भूमिका (रायगढ़ जिला), रायगढ़ जिले की राजनीति में सक्रिय महिलाओं की पृष्ठभूमि, रायगढ़ जिले की राजनीति में महिलाओं की भूमिका(एक संख्यात्मक विश्लेषण) निष्कर्ष एवं सुझाव,परिशिष्ट शामिल है। राजनीति शास्त्र के विद्यार्थियों के लिए यह एक जरूरी किताब तो है ही साथ ही राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय नेताओं के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।महिलाओं को भी इस विषय को अच्छी तरह जानना चाहिए ताकि वे अपनी राजनैतिक भूमिका बढ़ा सकें। दो सौ पृष्ठों की यह किताब आम नागरिकों के लिए भी अध्ययन/मनन योग्य है ताकि वे राजनीति को अच्छी तरह समझ सकें।राजनीति का प्रत्यक्ष असर देश,काल ,वातावरण और समाज पर पड़ता है।संकल्प प्रकाशन कानपुर(उत्तर प्रदेश) से यह पुस्तक प्रकाशित हुई है।किताब की भाषा सहज,सरल है जिस वज़ह से विषय को समझना आसान हो जाता है।कव्हर पृष्ठ पर फोटो भाव एवं अर्थ पूर्ण है।डॉ. श्रीमती सुनीता यादव सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान द्वारिका प्रसाद विप्र महाविद्यालय बिलासपुर ( छ.ग.) में कार्यरत हैं।