भारतीय वायु सेना ने कहा- चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर ऑपरेशन के लिए हम तैयार


लद्दाख. पूर्वी लद्दाख (Eastern Laddakh) में चीन के साथ तनाव को देखते हुए देश की तीनों सेनाओं की तैयारियां जोरों पर जारी है. वायु सेना (Air force) ने कहा कि यदि चीन के साथ पाकिस्तान ने भी कोई हिमाकत करने की कोशिश की तो दोनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वह तैयार है.

सूत्रों के मुताबिक भारतीय वायु सेना का लद्दाख में अडवांस एयर बेस पाकिस्तान की सीमा से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर है. वहीं भारत का रणनीतिक एयर बेस दौलत बेग ओल्डी महज 80 किलोमीटर की दूरी पर हैं. पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत होने पर इन दोनों एयर बेस से उड़े लड़ाकू जहाज महज 2 से 4 मिनट में उसके ठिकानों को तबाह कर देंगे.

इन दोनों एयर बेस पर इन दिनों लड़ाकू जहाजों के साथ ही लड़ाकू हेलीकॉप्टरों, मालवाहक विमान और ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टरों की आवाजाही बहुत बढ़ गई है. दिन के साथ ही यहां पर रात में भी ऑपरेशन करने का लगातार अभ्यास किया जा रहा है. इन एयर बेस पर सुखोई 30MKI की गर्जना दुश्मनों को डरा रही है. वहीं विशालकाय ट्रांसपोर्ट विमान C-130J, IL-76 और AN-32 लगातार इन एयर बेस समेत पूर्वी लद्दाख में सैनिक, हथियार और राशन की सप्लाई करने में जुटे हैं.

आशंका जताई जा रही है कि चीन के साथ युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान भी भारत के खिलाफ मोर्चा खोल सकता है और स्कार्दू एयर बेस से भारत के ठिकानों पर हमला कर सकता है. इस आशंका के बारे में एयर फोर्स के एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट रैंक ने अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान ऐसी हरकत कर सकता है. लेकिन उसकी ऐसी हिमाकत उसे बहुत भारी पड़ेगी. हम किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित और तैयार हैं. यदि चीन के साथ पाकिस्तान ने भी हमले की जुर्रत की तो दोनों मोर्चों पर उन्हें जबरदस्त सबक सिखाया जाएगा.

लद्दाख के कठिन पहाड़ी और ठंडे इलाके में वायु सेना की चुनौतियों पर बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि हम इस इलाके के लिए पूरी तरह ट्रेंड हैं. केवल दिन ही नहीं हम रात में भी किसी स्ट्राइक को अंजाम दे सकते हैं. अधिकारी ने चीन और पाकिस्तान के वायु सैनिक ठिकानों पर हो रही हरकतों पर हमारी पूरी नजर है और दुश्मनों के किसी मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.

बताते चलें कि दौलत बेग ओल्डी एयर बेस श्योक नदी के किनारे पर बना है. पूर्वी लद्दाख में बहने वाली गलवान नदी यहीं पर आकर श्योक नदी में मिल जाती है. गलवान नदी की घाटी में 15 जून की रात को हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. जबकि चीन के करीब 50 सैनिक मारे गए थे.

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