‘भारत में भाषा चिंतन की परंपराएं’ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार 12 जनवरी से

वर्धा. ‘भारत में भाषा चिंतन की परंपराएं’ विषय पर 12, 13 और 14 जनवरी को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है. यह वेबिनार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा और विद्याश्री न्यास, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में होगा. 12 जनवरी को 10.30 बजे आयोजित उदघाटन सत्र की अध्यक्षता हिंदुस्तानी एकेडमी,इलाहाबाद के प्रो. उदय प्रताप सिंह करेंगे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल तथा विद्याश्री न्यास, वाराणसी के सचिव डॉ. दयानिधि मिश्र उपस्थित रहेंगे. स्वागत वक्तव्य बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के पूर्व प्राचार्य डॉ. अरुणेश नीरन देंगे. विवि के प्रतिकुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद शुक्ल विषय प्रस्तावना रखेंगे. इस अवसर पर बीज वक्तव्य इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के तुप्तप्राय भाषा केंद्र के प्रो. दिलीप सिंह देंगे.
वेबिनार का प्रथम सत्र 12 जनवरी को अपराह्न 12.30 बजे ‘वेद-वेदांग में भाषा चिंतन’ विषय पर होगा. सत्र की अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राममूर्ति चतुर्वेदी करेंगे. वक्ता के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के संस्कृत विद्या धर्मविज्ञान संकाय प्रो. बिंदुश्वरी प्रसाद मिश्र, राजीव गांधी कैंपस शिंगेरी, कर्नाटक के प्रो. गणेश ईश्वर भट्ट, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुरली मनोहर पाठक, काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के संस्कृत विद्या धर्मविज्ञान संकाय प्रो. शिवराम शर्मा, केंद्रीय संस्कृत विवि, रणवीर कैंपस जम्मू के वेद विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार मिश्र, केंद्रीय संस्कृत विवि जयपुर के साहित्य विभाग के आचार्य प्रो. रमाकांत पाण्डेय उपस्थित रहेंगे.
अपराह्न 3.00 बजे ‘भाषा चिंतन की दार्शनिक पृष्ठभूमि’ विषय पर आयोजित द्वितीय सत्र की अध्यक्षता जय नारायण व्यास विवि जोधपुर के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. धर्मचंद्र जैन करेंगे. वक्ता के रूप में पांडुचेरी विवि पांडिचेरी संस्कृत विभाग के प्रो. के. ई. धरनीधरण, सम्पूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी के पूर्व मीमांसा विभाग प्रो. कमलाकांत त्रिपाठी, सम्पूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी के वेदांग विभाग एवं दर्शन संकाय प्रमुख प्रो. सुधाकर मिश्र, काशी हिंदू विवि वाराणसी के संस्कृत विद्या धर्मविज्ञान संकाय के पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. कृष्णकांत शर्मा, काशी हिंदू विवि वाराणसी के दर्शन विभाग के प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, सम्पूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी के शैव आगम विभाग के पूर्व आचार्य प्रो. शीतला प्रसाद उपाध्याय, काशी हिंदू विवि वाराणसी के दर्शन विभाग के प्रो.देवेंद्र नाथ तिवारी वक्ता के रूप में विचार प्रस्तुत करेंगे.
13 जनवरी को पूर्वाह्न 10.45 बजे ‘व्याकरणिक भाषा चिंतन’ विषय पर आयोजित तृतीय सत्र की अध्यक्षता श्री जगन्नाथ संस्कृत विवि, पुरी, उड़ीसा के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश चंद पण्डा करेंगे. वक्ता के रूप में दिल्ली विवि के डॉ. बलराम शुक्ल, संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी के पूर्व आचार्य प्रो. जय प्रकाश त्रिपाठी, काशी हिंदू विवि वाराणसी के व्याकरण विभाग, संस्कृत विद्याधर्म विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रो. भगवत शरण शुक्ल दिल्ली विवि के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो.मिथिलेश चतुर्वेदी, श्री सोमनाथ संस्कृत विवि बेरावल, गुजरात के कुलपति प्रो. गोप बंधु मिश्र, सराय नंदन दुर्गा कुण्ड वाराणसी के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी श्री गायत्री प्रसाद पाण्डेय, भाषा परिषद अहमदाबाद के पूर्व निदेशक प्रो.बसंत कुमार भट्ट उपस्थित रहेंगे.
अपराह्न 3.00 बजे ‘काव्य शास्त्र में भाषा चिंतन’ विषय पर आयोजित चतुर्थ सत्र की अध्यक्षता गुरुनानक विवि अमृतसर, पंजाब के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. पाण्डेय शशिभूषण ‘शितांशु’ करेंगे.
वक्ता के रूप में भंडारकर प्राच्य विद्या संस्थान पुणे के निदेशक प्रो. राधा वल्लभ त्रिपाठी, सागर विवि के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. श्यामसुंदर दुबे, काशी हिंदू विवि वाराणसी के संस्कृत विभाग के आचार्य एवं भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव द्विवेदी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विवि नई दिल्ली के कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के संस्कृत विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष प्रो. प्रभुनाथ द्विवेदी, संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे.
14 जनवरी को ‘विद्यानिवास मिश्र स्मृति व्याख्यान एवं सम्पूर्ति सत्र पूर्वाह्न 11 बजे होगा. इस अवसर पर लोक का वैभव : अभिव्यक्ति और अनुभव विषय पर मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी अपना वक्तव्य देंगे.सत्र की अध्यक्षता माखल लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के पूर्व कुलपति प्रो. अच्युतानंद मिश्र करेंगे. कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार करेंगे तथा धन्यवाद हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र देंगे।
सायं 3.00 बजे से आभासी पटल पर कविगोष्ठी होगी जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ करेंगे. वेबिनार के संयोजक हिंदी विवि के हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग के प्रो.अवधेश कुमार एवं सह संयोजक हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग के डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी होंगे.