मंडल रेल प्रबंधक ने किया सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली का अनावरण

बिलासपुर. रेलवे प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा गैर-परंपरागत श्रोतों से ऊर्जा उपलव्ध कराने एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बेहतर योगदान के तहत सौर ऊर्जा को महत्व दिया जा रहा है। इसके तहत मंडल के प्रशासनिक कार्यालयों, रेस्ट हाउस, रनिंग रूम तथा समपार फाटकों में सोलर पैनल स्थापित कर सौर उर्जा का प्रयोग किया जा रहा है।
रेलवे बोर्ड द्वारा निरीक्षण यानों को प्रीमियम टूरिस्ट यातायात के रूप में उपयोग करने की योजना बनाई गई है जिसके तहत टूरिस्टों की अतिरिक्त सुविधा हेतु इसमें दो अतिरिक्त एसी लगाने की योजना है। परंपरागत तरीके से अतिरिक्त एसी के लिये इसमें लगभग 17 लाख रूपये की विद्युत उपकरण की जरूरत होती। इस कार्य को कम लागत में पूरा करने हेतु मंडल के निरीक्षण यान क्रमांक 03876 में 6.8 किलोवाट का सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली का प्रावधान किया गया है। भारतीय रेलवे में निरीक्षण यान में सोलर पैनल लगाने का यह पहला प्रयोग है जिससे द्वारा इसके एसी को चलाया जायेगा।
इस यान में लगाये गये सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली का अनावरण कोचिंग डिपो बिलासपुर में आज दिनांक 20 नवम्बर 2019 को मंडल रेल प्रबंधक श्री आर.राजगोपाल के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर वरि.मंडल यांत्रिक इंजीनियर श्री आर.रंगाराव, वरि.मंडल विद्युत इंजीनियर श्री पी.एन.खत्री, वरि.कोचिंग डिपों अधिकारी श्री शुभम वर्मा, सहायक मंडल विद्युत अभियंता (रोलिंग स्टाक) श्री ए.के.श्रीवास्तव सहित पर्यवेक्षकगण तथा कर्मचारीगण उपस्थित थे।
इसकी लागत मात्र 05 लाख रूपये है जिसे तीन वर्षों में उपयोग से वापस प्राप्त कर लिया जायेगा। इसके उपयोग की अवधि 20 वर्ष है। इसके निम्न लाभ हैं-
1. सोलर पैनल के प्रावधान से यान के अतिरिक्त चार्जिंग में होने वाली लगभग 1.60 लाख रूपये की सालाना व्यय की बचत होगी।
2. प्रीमियम टूरिस्ट यातायात के दौरान अधिकाधिक विद्युत उपकरणों का उपयोग निर्वाध रूप से की जा सकेगी।
3. बाहरी चार्जिंग की आवश्यता नहीं होगी इसलिये इसे टूरिस्टों की सुविधानुसार स्टेशनों के किसी भी प्लेटफार्म में खडी की जा सकेगी।
4. ग्रीन एवं क्लीन एनर्जी होने के कारण प्रदूषण कम करने में सहायक होगी।