मध्य प्रदेश में हलचल तेज: शिवराज का कमलनाथ पर पलटवार, भाजपा के सभी विधायक भी पहुंचे भोपाल
भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य सरकार अपना बहुमत खो चुकी है और इसी कारण से फ्लोर टेस्ट से बचना चाह रही है.
शिवराज बोले, ‘मध्य प्रदेश सरकार बहुमत खो चुकी है. हम सोमवार को विधानसभा में सरकार से बहुमत साबित करने की मांग करेंगे. मुख्यमंत्री यह कह चुके हैं कि वे फ्लोर टेस्ट चाहते हैं, फिर इससे भाग क्यों रहे हैं. हमारी मांग सिर्फ फ्लोर टेस्ट कराने की है.’ बता दें कि बीजेपी के सभी विधायक भी देर रात जयपुर से भोपाल पहुंच गए.
सीएम कमलनाथ द्वारा भाजपा पर विधायकों को बंधक बनाने के आरोप पर जवाब देते हुए कमलनाथ ने कहा, ‘किसी भी विधायक को बंधक नहीं बनाया गया है, राज्य सरकार इन्हें सुरक्षा प्रदान क्यों नहीं कर पा रही.’
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण होगा लेकिन फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, इस पर संशय बरकारार है. दरअसल, विधानसभा की कार्यसूची में बहुमत परीक्षण का विषय नहीं है. केवल राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र है.
इधर, विधायक दल की बैठक में सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि 21 विधायक बंधक बना लिया गया तो फ्लोर टेस्ट का क्या औचित्य? ऐसे में सवाल यह भी है क्या कमलनाथ राज्यपाल के आदेश की अनदेखी करेंगे. उधर, फ्लोर टेस्ट पर विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति का कहना है कि कल फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, ये काल्पनिक प्रश्न है. राज्यपाल आदेश दे सकते हैं या नहीं, इसकी व्याख्या भी सोमवार को होगी.
कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार
कमलनाथ सरकार पर संकट बरकरार है. बेंगलुरू से बाकी 16 बागियों ने भी स्पीकर को चिट्ठी भेजकर कहा कि भोपाल नहीं लौटेंगे, इस्तीफा मंजूर करें. बीजेपी ने एक व्हिप जारी करके अपने विधायकों को सोमवार को विधानसभा में उपस्थित रहने और बीजेपी के पक्ष में वोट देने के लिए कहा है. भोपाल में राज्यपाल से रविवार को बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव ने मुलाक़ात की. हाथ उठवाकर वोटिंग की मांग की. उन्होंने कहा कि स्पीकर राज्यपाल की बात मानने के लिए बाध्य है.