मरवाही में सत्ताधारी पार्टी का लहराया परचम, कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केके ध्रुव का चमका तारा
बिलासपुर. मरवाही उपचुनाव में कांग्रेस ने एतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। पार्टी उम्मीदवार डॉ. केके ध्रुव भाजपा के प्रत्याशी डॉ. गंभीर सिंह से भारी मतों से पराजित किया है। मतगणना के दौरान शुरू से कांग्रेस के उम्मीदवार बढ़ते बनाते रहे। वर्षों से मरवाही विधानसभा सीट में कांग्रेस का कब्जा रहा है। दिवंगत जोगी यहां के जमीनी नेता रहे उनके निधन के बाद उपचुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में जोगी का परिवार चुनाव मैदान से बाहर रहा। यहां भाजपा और कांग्रेस के मध्य मुकाबला रहा। सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. केके धु्रव ने भारी मतों से जीत दर्ज कर ली है। कांग्रेसियों ने मतगणना उपरांत गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ विजय रैली निकाली। उक्त रैली में चुनाव प्रभारी जय सिंह अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधायक शैलेश पाण्डेय, उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, प्रदेश प्रवक्ता अभयनाराण, विजय केशरवानी सहित कांगे्रस के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मरवाही उपचुनाव में सत्ताधारी दल के नेता जी जान लगाकर काम कर रहे थे। यहां जनता कांग्रेस-भाजपा और कांग्रेस पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होना तय था लेकिन ऐन समय में निर्वाचन अधिकारी ने जोगी परिवार का नामांकन जातिगत कारणों के चलते रद्द कर दिया। इसके बाद यहां दो प्रमुख दलों के बीच मुकाबला हुआ। जोगी परिवार द्वारा मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया जाता रहा है कि मरवाही उपचुनाव में एकेले ही मैदान में कांग्रेसी चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद जोगी परिवार ने कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा को समर्थन देने की बात कही। यहां भी बात नहीं बन सकी और कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. केके धुव्र ने भाजपा के उम्मीदवार डॉ. गंभीर सिंह से 38132 मतों चुनाव जीत गए हैं। यहां भाजपा उम्मीदवार को 45240 मत मिले तो कांग्रेस के उम्मीदवार 83372 मत प्राप्त हुए। मतगणना के दौरान शुरू से कांग्रेस की बढ़त बनी रही।
पिछले 20 सालों में कांग्रेस के पाले मरवाही विधानसभा सीट रही। राज्य प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत प्रमोद कुमार जोगी ने यहां विश्वास मत हासिल करने के बाद लगातार चुनाव जीते। वर्ष 2018 के चुनाव में स्व. अजीत प्रमोद कुमार जोगी ने कांग्रेस से बगावत करते हुए अपनी नई पार्टी जेसीसीजे से चुनाव लड़ा और प्रचंड मतों से विजयी हुए। बीते 29 मई 2020 को राज्य प्रथम मुख्यमंत्री मरवाही विधायक अजित प्रमोद कुमार जोगी का दुखद निधन हो गया है।
इसके बाद से मरवाही विधानसभा सीट खाली हो गई थी। उपचुनाव की तारीख तय होते ही सत्ताधारी दल के नेता मरवाही पर कब्जा जमाने सक्रिय हो गए थे। यहां से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने दो डॉक्टरों को चुनाव मैदान में उतार दिया। विकास के दावे और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को जिला बनाने का श्रेय लेकर कांग्रेस पार्टी ने पूरे दमखम के साथ उपचुनाव लड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री जय सिंह अग्रवाल, विधायक शैलेश पाण्डेय, विजय केशरवानी, अटल श्रीवास्तव, अभनारायण राय सहित प्रदेश भर के कद्दावर कांग्रेसी नेताओं ने मरवाही अपनी पूरी ताकत झोंक दी। कांग्रेस पार्टी के आला नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई थी। पार्टी उम्मीदवार डॉ. केके धु्रव ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर जोगी परिवार और भाजपा को करारी शिकस्त दे दी है।
राज्य में अब कांग्रेस के 70 विधायक हो गए हैं।
मरवाही उपचुनाव के परिणाम आते ही कांग्रेसियों में खुशी की लहर दौड़ गई वहीं भाजपा नेताओं में मायूसी छाई रही। भाजपा ने मरवाही उपचुनाव का जिम्मा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, अमर अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक जैसे दिग्गज नेताओं को सौंपा था, लेकिन सत्ताधारी पार्टी के दमखम और कांग्रेसी लहर के सामने किसी की एक न चली। मरवाही में शानदार जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेसियों ने आतिशबाजी के साथ विजय रैली निकाली। इस दौरान नवनिर्वाचित विधायक डा. केके. धु्रव, मंत्री जय सिंह अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधायक शैलेश पाण्डेय, अटल श्रीवास्तव, अभयनारायण राय सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और मरवाही के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अमित का टूटा सपना
जाति प्रमाण पत्र मामले में निर्वाचन अधिकारी ने अमित व ऋचा जोगी का नामांकन रद्द कर दिया। इसके बाद जोगी परिवार भाजपा की नैया में सवार हो गए, लेकिन उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ, अमित जोगी का सपना चकनाचूर हो गया। जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी ने चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाया है कि पूरी ताकत झोंकने के बाद भी कांग्रेस पार्टी जोगी परिवार का 20 सालों का रिकार्ड नहीं तोड़ सके।