मातृ-शिशु अस्पताल में स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट का उद्घाटन

बिलासपुर. 100 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल में बनाये गये स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट का उद्घाटन आज बिलासपुर विधायक श्री शैलेष पाण्डेय द्वारा किया गया। प्री मैच्योर नवजात बच्चों के विशेष देखभाल के लिये 12 बिस्तरों का न्यू नेटल आईसीयू मातृ-शिशु अस्पताल में बनाया गया है। जिला अस्पताल में स्थापित एनआईसीयू को इस नये भवन में शिफ्ट किया गया है। मातृ-शिशु अस्पताल में यह यूनिट नहीं होने के कारण अस्पताल में पैदा होने वाले प्री मैच्योर नवजात को मां से दूर जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखना पड़ता था। लेकिन अब अस्पताल में ही उन्हें रखने की सुविधा हो गई है। एसएनसीयू वार्ड का अत्याधुनिक तरीके से विस्तार किया गया है। जिससे गंभीर अवस्था में नवजात के आने पर उसकी तत्काल जांच पड़ताल कर उसका गहन इलाज यहां किया जायेगा या अन्य अस्पताल रिफर किया जायेगा।

विधायक श्री शैलेष पाण्डेय ने इस अवसर पर अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि इस यूनिट के निर्माण से मातृ-शिशु अस्पताल में एक बड़ी सुविधा मिली है। उन्होंने उपस्थित चिकित्सक, नर्स एवं अन्य स्टाफ से कहा कि वे अपना कार्य ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करेंगे तो शासकीय अस्पताल के बारे में लोगों की अच्छी धारणा बनेगी। अस्पताल में मरीजों को सभी सुविधाएं मिले, इसके लिये हम सब को मिलकर मेहनत करनी पड़ेगी। अस्पताल को अच्छा बनाने का संकल्प लेना होगा। उन्हांेने कहा कि जिला अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल क्षेत्र का सबसे अच्छा अस्पताल बनें, इसके लिये वे भरपूर सहयोग करेंगे।

जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डाॅ.मधुलिका सिंह ठाकुर ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में विगत 5 वर्षों से नवजात गहन चिकित्सा इकाई कार्यरत है। पिछले वर्ष 784 बच्चे यहां भर्ती हुए थे। जिसमें 333 नवजात इस अस्पताल में पैदा हुए थे और 447 नवजात बाहर से लाकर यहां भर्ती किये गये थे। 506 नवजात स्वस्थ होकर गये और 103 नवजातों को दूसरे हेल्थ सेंटर में रिफर किया गया था। उन्होंने बताया कि गहन चिकित्सा इकाई स्थापित होने से बिलासपुर में शिशु मृत्यु दर में बहुत कमी आई है। इस इकाई में विशेष रूप से प्रशिक्षित नर्स कार्यरत हैं।
श्री पाण्डेय ने नवजात गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया और इसमें सुविधाओं की विस्तार के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर आरएमओ डाॅ.मनोज जायसवाल, शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.एस.के.दास सहित जीवनदीप समिति के सदस्य, अस्पताल के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।