मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से
बिलासपुर. मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम में नगरीय क्षेत्रों के 14 से 60 वर्ष आयु वर्ग के डिजिटल असाक्षरों को उनकी सुविधानुसार प्रतिदिन 2 घंटे प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम से लोगों में शिक्षा के साथ-साथ कम्प्यूटर और इंटरनेट की दुनिया से उन्हे जोड़ने का सपना साकार होने लगा है। इस कार्यक्रम से विशेषकर महिलाओं के हौसलों और उनके उम्मीदों को नई उड़ान मिल रही है। बिलासपुर जिले के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में सरकंडा तथा नगर पंचायत बिल्हा में अब तक आठ-आठ बैच पुरे हो चुके हैं, पूरे बैच मिलाके दोनों केंद्रों में अब तक कुल 416 शिक्षार्थी पंजीकृत हुए थे जिसमें से 397 प्रशिक्षाणार्थियों ने आनलाईन वाह्य मूल्यांकन के जरिये सफलता अर्जित की है। छत्तीसगढ़ शासन का नवाचारी कार्यक्रम गढ़बो डिजिटल छत्तीसगढ़ थीम के अंतर्गत मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए संचालक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री एस प्रकाश (आई ए एस) ने ई- साक्षरता केन्द्र बंधवा पारा सरकंडा बिलासपुर का निरीक्षण किया। शिक्षार्थियों को सशक्त, डिजिटल रूप (इंटरनेट) में आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया। जिला परियोजना अधिकारी श्री जीतेन्द्र पाटले ने बताया कि शिक्षार्थियों के लिये ई साक्षरता केंद्र को आकर्षक एवं सुसज्जित बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का यह एक विशेष कार्यक्रम है जिसमें 30 दिन के पाठ्यक्रम में कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी के साथ वित्तीय साक्षरता कानूनी साक्षरता चुनावी साक्षरता श्रेष्ठ पालकत्व ऑनलाइन भुगतान आत्मरक्षा सहित सोशल मीडिया इत्यादि का भी ज्ञान कराया जाता है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां ई-साक्षरता केंद्रों के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के झुग्गी आवासों में निवासरत महिला समूहों को निःशुल्क व गुणवत्ता पूर्वक परिणाममूलक कम्यूटर एवं मोबाईल प्रशिक्षण 14 से 60 वर्ष के आयु समूह के लोगों को दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत एक माह के अध्ययन काल में व्यक्ति को ई-साक्षर बनाने के साथ डिजिटल डिवाइस जैसे कम्यूटर, टैबलेट, मोबाईल, का उपयोग कर सके और ई-मेल प्राप्त कर उन्हे भेज भी सके इसकी भी जानकारी दी जा रही हैं साथ ही सूचना के लिए इंटरनेट का उपयोग भी कर सके इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में बिलासपुर सरकंडा के बजरंग चैक बंधवापारा के सामुदायिक भवन में तथा बिल्हा के जनपद प्राथमिक शाला में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के पाठ्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत दोनों केंद्रों में निर्मित कम्यूटर लैब एवं टैबलेट के माध्यम से डिजिटल असाक्षर शिक्षार्थी नियमित रूप से कम्प्यूटर और इंटरनेट की बेसिक जानकारियो को भी सीख रहे है। इस प्रशिक्षण में प्रतिदिन बेरोजगार युवक, युवतियां गृहणी, कामकाजी महिलाएं सास बहू ननंद देवरानी जेठानी सभी कम्प्युटर सीखते हुए अपना भविष्य निखार रहे हैं। ई-साक्षर बनने में लड़कों की तुलना में लड़कियों ने ज्यादा रूची दिखाई है। एक माह तक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षार्थियों को छोटे-छोटे काम के लिए कम्प्यूटर दुकान का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है। प्रशिक्षण के बाद अब वे डिजीटल साक्षर होकर कैश लेस लेनदेन, ई-भुगतान, डिजीटल लॉकर का उपयोग आसानी से कर सकेंगे। इसके अलावा दस्तावेजों की ई-शेयरिंग करने में भी वे सक्षम हो जाएंगे। वहीं इंटरनेट की सहायता से ऑनलाइन सेवा के द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी मोबाइल व कम्प्यूटर पर प्राप्त कर सकेंगे।