यात्री गाड़ियों की समयबद्वता एवं संरक्षा में बढ़ोत्तरी के लिए किया गया समीक्षा बैठक का आयोजन

बिलासपुर. संरक्षित रेल परिचालन एवं यात्री गाडियों की समयबद्वता को निरंतर सुनिश्चित करने के लिए जोनल मुख्यालय में संरक्षा एवं समयबद्वता बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में नियमित रूप से तीनों रेल मडलों में सुरक्षित एवं समयबद्वता से रेल परिचालन से संबंधित सभी मुददो का आंकलन किया जाता है ताकि रेल परिचालन सुरक्षित ढंग से लगातार किया जा सके। इस बैठक में श्री गौतम बनर्जी, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, अपर महाप्रबंधक, समस्त विभागाध्यक्ष तथा विडियो कांन्फ्रेस के माध्यम से बिलासपुर, रायपुर, नागपुर के मंडल रेल प्रबंधक अन्य अधिकारीगण सम्मिलित हुये। इस बैठक में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनो मंडलों बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर में यात्री गाड़ियों की समयबद्वता का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीनो मंडलों बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर में संरक्षा को ज्यादा से ज्यादा सुनिश्चित करनें तथा यात्री गाड़ियों की समयबद्वता में सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किये गए। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्री गाड़ियों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार चलानें का पुरजोर प्रयास किया जा रहा है एवं जोनल स्तर पर भी इसकी सतत् मानिटरिंग की जाती रहती है। क्षमता आवर्धन के लिए किए जा रहे विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के बीच यात्री गाड़ियों को समयबद्व तरीके से चलाने के लिए किए जा रहे, सकारात्मक प्रयासों के परिणाम भी लगातार देखने को मिल रहे है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष यात्री गाड़ियों की समयबद्वता में 11.1 प्रतिशत सुधार हुआ है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्री गाड़ियों की समयबद्वता 80 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यत हावड़ा-मुम्बई मुख्य मार्ग पर विद्यमान है जिससे इस रुट पर हावड़ा एवं मुम्बई से शुरु होने वाली यात्री गाड़ियों की समयबद्वता प्रभावित होती है। हालांकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आंतरिक सिस्टम में गाड़ियों की समयबद्वता को सुनिश्तित करनें के लिए हर संभव उपाय करते हुए ट्रेनों को सही समय पर चलाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है साथ ही साथ इस रेलवे में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिये रेल लाइनों का तीहरी एवं चौथीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य किये जा रहे है तथा रेल लाइनों के रखरखाव के लिए भी विभिन्न निर्धारित सप्ताह में सतत कार्य किए जा रहे है।